मध्यप्रदेश में युवाओं को बड़ी सौगात: स्टार्टअप और MSME को करोड़ों की सब्सिडी, 2047 तक 1 करोड़ रोजगार का संकल्प

मध्य प्रदेश में स्टार्टअप और MSME को 360 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2047 तक 1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य रखा है।

Jun 14, 2026 - 18:08
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मध्यप्रदेश में युवाओं को बड़ी सौगात: स्टार्टअप और MSME को करोड़ों की सब्सिडी, 2047 तक 1 करोड़ रोजगार का संकल्प

भोपाल। मध्य प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने 900 से अधिक स्टार्टअप इकाइयों के लिए 360 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के लिए खर्च की गई राशि सरकार के लिए खुशी का विषय है, क्योंकि इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा और प्रदेश आर्थिक रूप से सशक्त बनेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य 2047 तक प्रदेश में 1 करोड़ पंजीकृत MSME इकाइयां बनाना है, जिससे 1 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल सकेगा।

📊 महिलाओं का बढ़ता नेतृत्व और स्टार्टअप का विस्तार

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या अब 7,400 के पार पहुँच गई है, जिसमें से लगभग 50 फीसदी (3,400 से अधिक) स्टार्टअप का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं। 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' के तहत युवाओं को 2 फीसदी ब्याज अनुदान देने का निर्णय लिया गया है। पिछले ढाई वर्षों में 23,500 से अधिक युवाओं को 1,630 करोड़ रुपये की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा चुकी है। अब सरकार का लक्ष्य स्टार्टअप की संख्या को 10,000 से अधिक करने का है।

💰 MSME सेक्टर को निवेश की बड़ी सौगात

एमएसएमई विभाग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में 6,136 MSME उद्यमियों को 3,723 करोड़ रुपये की निवेश सहायता दी गई है, जो पिछली अवधि (1,245 करोड़) की तुलना में तीन गुना अधिक है। राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक के सभी देयकों का भुगतान सुनिश्चित किया है। वर्तमान में प्रदेश में 181 औद्योगिक क्षेत्र संचालित हैं और 44 नए औद्योगिक क्षेत्रों व क्लस्टर्स को प्रस्तावित किया गया है।

🤝 लाड़ली बहनों का सशक्तिकरण और औद्योगिक विकास

उधर, सागर के केसली से मुख्यमंत्री ने 'लाड़ली बहना योजना' के तहत राशि का वितरण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की आधी आबादी के उत्थान के लिए अब तक 55,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खातों में डाली जा चुकी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को रोजगार आधारित उद्योगों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर काम कर रही है। कृषि कल्याण वर्ष के तहत फूड-प्रोसेसिंग इकाइयों को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।

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