फर्जी IAS बनकर ठगी करने वाली तृप्ति सिंह और उसका भाई 4 दिन की पुलिस रिमांड पर, चंदेरी से भोपाल लाई पुलिस

फर्जी IAS बनकर 90 लाख की ठगी करने वाली तृप्ति सिंह और उसके भाई को पुलिस ने 4 दिन की रिमांड पर लिया है। भोपाल और चंदेरी में दर्ज हैं कई मामले।

Sep 04, 2026 - 19:12
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फर्जी IAS बनकर ठगी करने वाली तृप्ति सिंह और उसका भाई 4 दिन की पुलिस रिमांड पर, चंदेरी से भोपाल लाई पुलिस

खुद को ट्रेनी IAS और मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताकर भोले-भाले लोगों से लाखों की ठगी करने के मामलों में घिरी तृप्ति सिंह राजपूत और उसके भाई सुधांशु सिंह को बागसेवनिया पुलिस ने अशोकनगर जिले के चंदेरी से प्रोडक्शन वारंट पर भोपाल गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को दोनों आरोपियों को कड़े सुरक्षा पहरे में मेडिकल परीक्षण के बाद भोपाल जिला न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से कोर्ट ने दोनों को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। पुलिस अब इस पूरे ठगी के नेटवर्क और फर्जी दस्तावेजों की गहराई से छानबीन कर रही है।

💼 चंदेरी में नौकरी के नाम पर 9.80 लाख की ठगी, भोपाल में दो मामलों में करीब 90 लाख का फर्जीवाड़ा

मुख्य आरोपी तृप्ति सिंह और उसका भाई सुधांशु फिलहाल अशोकनगर जिले के चंदेरी में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में भी वांछित थे। चंदेरी पुलिस ने दोनों को फर्जी IAS अधिकारी बनकर लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर 9.80 लाख रुपए की ठगी करने के आरोप में पकड़ा था, जहाँ तृप्ति खुद को टूरिज्म की एडिशनल डायरेक्टर और भाई खुद को केंद्र सरकार के मानव संसाधन विभाग का अधिकारी बताता था। वहीं, भोपाल के बागसेवनिया थाने में तृप्ति के खिलाफ दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। पहला मामला बालाघाट निवासी रोहित लिल्हारे की शिकायत पर दर्ज हुआ, जिसमें टूरिज्म के होटल-रिसॉर्ट लीज पर दिलाने और नौकरी के नाम पर 39.17 लाख रुपए ठगने का आरोप है। दूसरा मामला सिवनी निवासी गगन उपवंशी की शिकायत पर दर्ज किया गया, जिसमें होटल लीज दिलाने के नाम पर करीब 50 लाख रुपए ऐंठे गए। इस तरह भोपाल में ही ठगी का यह आंकड़ा लगभग 89 लाख रुपए तक पहुँच चुका है।

🔍 रिमांड के दौरान फर्जी CBI कार्ड, बैंक खातों और सहयोगियों को लेकर होगी कड़ी पूछताछ

बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि चार दिन की इस पुलिस रिमांड के दौरान जांच टीम कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी के जरिए वसूली गई भारी-कम्युनिकेशन रकम किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई और इस पूरे सिंडिकेट में उनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके अलावा, फर्जी CBI कार्ड, सरकारी लेटरहेड, 'भारत सरकार' लिखी इनोवा गाड़ी और ट्रेनी IAS से जुड़े अन्य दस्तावेज कहाँ तैयार किए गए थे, इसकी भी पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद दोनों आरोपियों को पुनः अदालत में पेश किया जाएगा।

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