शहडोल में 15 दिन से ज्यादा रुकने पर थाने में देनी होगी जानकारी, कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने जारी किया आदेश
शहडोल कलेक्टर ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जिले में 15 दिन से अधिक ठहरने वाले लोगों और किराएदारों की जानकारी थाने में देना अनिवार्य है।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में अब 15 दिनों से ज्यादा समय तक रुकने वाले बाहरी व्यक्तियों और आगंतुकों पर पुलिस की विशेष और पैनी निगरानी रहेगी। जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को सुदृढ़ बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने महत्वपूर्ण प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। नए नियमों के मुताबिक, जिले की सीमा के भीतर 15 दिन से अधिक ठहरने वाले किसी भी व्यक्ति को नजदीकी पुलिस थाने में अपनी सूचना दर्ज करानी होगी। इस अनिवार्य नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
🏠 मकान मालिक, होटल संचालक और ठेकेदारों के लिए नियम अनिवार्य: आईडी प्रूफ और मोबाइल नंबर लेना जरूरी
कलेक्टर के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मकान मालिक या दुकानदारों द्वारा किसी भी व्यक्ति को किराए पर देने या पेइंग गेस्ट रखने से पहले निर्धारित प्रारूप में थाने को सूचना देनी होगी, साथ ही संबंधित व्यक्ति का वैध आईडी प्रूफ और मोबाइल नंबर भी लेना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार घरेलू कामगारों, व्यावसायिक कर्मचारियों, और भवन निर्माण कार्य में लगाए जाने वाले मजदूरों व कारीगरों की पूरी जानकारी ठेकेदार या मालिक द्वारा थाने में दर्ज कराने के बाद ही उन्हें काम पर रखा जा सकेगा। होटल, लॉज, धर्मशाला, रैन बसेरा और धार्मिक स्थलों पर ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पहचान पत्र और मोबाइल नंबर लेना अनिवार्य कर दिया गया है, जिसकी दैनिक सूची संबंधित थाने या पुलिस के 'अतिथि पोर्टल' पर दर्ज करनी होगी।
🛵 डिलीवरी एजेंट्स, स्पा सेंटर और गार्ड्स के लिए भी निर्देश: नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के दायरे में केवल मकान और होटल ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन शॉपिंग व होम डिलीवरी एजेंट, स्पा सेंटर, मसाज सेंटर और ब्यूटी पार्लर में काम करने वाले कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। इन सभी के आईडी प्रूफ और मोबाइल नंबर थाने में जमा कराने होंगे। निजी सुरक्षा एजेंसियों या व्यक्तिगत स्तर पर रखे जाने वाले गार्ड्स की जानकारी भी पुलिस को देना जरूरी किया गया है। यदि कोई विदेशी नागरिक ठहरता है, तो इसकी सूचना तुरंत शहडोल की एफआरआरओ (FRRO) शाखा को देनी होगी।कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने चेतावनी दी है कि इन आदेशों या नियमों के किसी भी अंश का उल्लंघन करने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कड़ी सजा और दंड दिया जाएगा।
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