जबलपुर में काजल हिंदुस्तानी का बड़ा बयान: 'लव जिहाद' पीड़ितों के लिए जल्द खुलेंगे रिहैब सेंटर
हिंदूवादी नेता काजल हिंदुस्तानी का जबलपुर दौरा। लव जिहाद और धर्मांतरण पर दिया बड़ा बयान, पीड़ित लड़कियों के लिए रिहैब सेंटर खोलने का ऐलान।
जबलपुर। गुजरात की प्रखर हिंदूवादी नेता काजल हिंदुस्तानी ने जबलपुर में आयोजित एक बड़े हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए देश में बढ़ते 'लव जिहाद' और धर्मांतरण के मामलों पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लव जिहाद एक गंभीर अपराध है, जिसके खिलाफ समाज को जागरूक होना पड़ेगा। इस दौरान उन्होंने पीड़ित लड़कियों की सुरक्षा के लिए 'रिहैब सेंटर' स्थापित करने की घोषणा की है, जिसे लेकर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने भी मदद का आश्वासन दिया है।
धर्मांतरण के 'रेट कार्ड' का किया खुलासा
काजल हिंदुस्तानी ने धर्मांतरण के मामलों को एक सोची-समझी साजिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में बाकायदा धर्मांतरण के 'रेट कार्ड' तय किए गए हैं, जहाँ अलग-अलग जातियों की लड़कियों को धर्मांतरित करने के बदले लाखों रुपये दिए जा रहे हैं। उन्होंने राजस्थान और अन्य स्थानों के उदाहरण देते हुए कहा कि धर्मांतरण के जाल में फंसी लड़कियों ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि उन्हें प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है।
क्या होगा रिहैब सेंटर का स्वरूप?
काजल हिंदुस्तानी ने बताया कि अक्सर परिवार को जब अपनी बेटी के किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति के प्रभाव में होने की जानकारी मिलती है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है। इसे देखते हुए वे एक विशेष रिहैब सेंटर शुरू करने जा रही हैं। यह सेंटर पूरी तरह अलग होगा, जहाँ माता-पिता के साथ लड़कियों को रखा जाएगा। उन्हें न केवल इन षड्यंत्रों के बारे में जागरूक किया जाएगा, बल्कि तब तक रखा जाएगा जब तक वे मानसिक रूप से सामान्य न हो जाएं।
स्पेशल मैरिज एक्ट और धार्मिक नियमों पर सवाल
स्पेशल मैरिज एक्ट पर सवाल उठाते हुए काजल हिंदुस्तानी ने कहा कि कानून भले ही बालिगों को शादी की आजादी देता हो, लेकिन वास्तविकता में यह लड़कियों के साथ अन्याय है। उन्होंने तर्क दिया कि शादी के बाद भी उन लड़कियों के बच्चों का नाम और पहचान हिंदू धर्म के अनुसार नहीं होती, जिससे उनकी संस्कृति और पहचान समाप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि जब तक लड़की अपना धर्म नहीं बदलती, धार्मिक दृष्टि से ऐसी शादियां जायज नहीं मानी जातीं।
दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार
इस दौरान उन्होंने समाज में व्याप्त दहेज हत्या और अन्य बुराइयों पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि समाज को इन कुरीतियों को जड़ से खत्म करना होगा। ट्विशा शर्मा मौत मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार के शोषण के खिलाफ हैं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए समाज को एकजुट होने की आवश्यकता है।
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