इंदौर में फायर सेफ्टी नियमों पर प्रशासन सख्त: सीलिंग की कार्रवाई शुरू, 50 से अधिक होटल-हॉस्पिटल को नोटिस
इंदौर में व्यावसायिक भवनों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर निगम का कड़ा रुख। फायर सेफ्टी मानकों का पालन न करने पर होटल और हॉस्पिटल सील।
इंदौर। शहर में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर निगम और फायर विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। पिछले एक सप्ताह के भीतर होटल, हॉस्पिटल और अन्य कमर्शियल बिल्डिंग्स की सघन जांच करते हुए 50 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिसों की अनदेखी करने वाले भवन संचालकों के खिलाफ निगम ने अब सीलिंग की कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बुधवार और गुरुवार को कुल सात भवनों को फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सील कर दिया गया।
⚖️ होटल संचालकों में असमंजस, प्रशासन ने किया स्पष्ट
कार्रवाई के बाद होटल संचालकों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कई संचालकों का तर्क है कि उनकी बिल्डिंग के आकार के अनुसार उन्हें 'फायर एनओसी' (Fire NOC) की आवश्यकता नहीं है। इस पर नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एनओसी अनिवार्य न होने का मतलब यह कतई नहीं है कि भवन अग्नि सुरक्षा उपकरणों से मुक्त हैं। भवन की ऊंचाई, मंजिलों की संख्या और उसके उपयोग के आधार पर हर व्यावसायिक भवन के लिए न्यूनतम सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।
🚒 केवल एक्सटिंग्विशर ही काफी नहीं, व्यापक सुरक्षा है जरूरी
जांच के दौरान अधिकांश होटलों में केवल छोटे फायर एक्सटिंग्विशर और गैस सिलेंडर ही पाए गए। अधिकारियों के अनुसार, बहुमंजिला इमारतों के लिए यह व्यवस्था कतई पर्याप्त नहीं है। आग लगने की स्थिति में तत्काल नियंत्रण के लिए संपूर्ण 'फायर सेफ्टी इन्फ्रास्ट्रक्चर' होना आवश्यक है, जिसके अभाव में बड़े हादसों का खतरा बना रहता है।
🔍 इन मानकों पर हो रही जांच
फायर विभाग की टीम द्वारा प्रमुख रूप से निम्नलिखित बिंदुओं की जांच की जा रही है:
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फायर ब्रिगेड वाहनों के लिए पहुंच मार्ग (Access Road)।
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इमरजेंसी एग्जिट मार्ग और फायर अलार्म सिस्टम।
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पर्याप्त जल भंडारण क्षमता और पाइप नेटवर्क।
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फायर हाइड्रेट सिस्टम की अनिवार्यता।
💧 फायर हाइड्रेट सिस्टम का महत्व
अधिकारियों ने बताया कि 'फायर हाइड्रेट सिस्टम' आग पर तुरंत नियंत्रण पाने की सबसे प्रभावी तकनीक है। इसमें भवन के अंदर और बाहर पाइपलाइन का नेटवर्क होता है, जिसे हाई-प्रेशर पंप और पानी की टंकी से जोड़ा जाता है। आपातकाल में प्रशिक्षित कर्मचारी इसके जरिए तेज दबाव के साथ पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोक सकते हैं।
🛠️ समाधान की प्रक्रिया: क्या करें संचालक?
नोटिस प्राप्त करने वाले संस्थान संचालक नगर निगम द्वारा अधिकृत 50 से अधिक 'फायर सेफ्टी कंसल्टेंट्स' की मदद ले सकते हैं। प्रक्रिया इस प्रकार है:
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निरीक्षण: कंसल्टेंट भवन का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की सूची तैयार करेंगे।
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ऑडिट: एक विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर निगम को प्रस्तुत की जाएगी।
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स्थापना: निगम द्वारा रिपोर्ट की स्वीकृति के बाद मानकों के अनुरूप सुरक्षा सिस्टम स्थापित किए जाएंगे।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में जांच का यह दायरा और बढ़ाया जाएगा।
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