केयरटेकर ने बुजुर्ग मां और लकवाग्रस्त बेटे को घर से निकाला, फर्जी शादी का प्रमाण-पत्र बनवाकर किया था कब्जा

इंदौर में 19 साल की कानूनी लड़ाई के बाद 91 वर्षीय गीता चौहान को अपना फ्लैट वापस मिला है। केयरटेकर ने फर्जी कागजातों के जरिए कब्जा कर लिया था।

Aug 02, 2026 - 10:32
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केयरटेकर ने बुजुर्ग मां और लकवाग्रस्त बेटे को घर से निकाला, फर्जी शादी का प्रमाण-पत्र बनवाकर किया था कब्जा

इंदौर : देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 91 वर्षीय बुजुर्ग महिला गीता चौहान को पूरे 19 साल की एक लंबी और थका देने वाली कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार अपने ही फ्लैट का कानूनी कब्जा वापस मिल गया है। अपने लकवाग्रस्त और गंभीर रूप से बीमार बेटे की देखभाल के लिए उन्होंने जिस महिला को केयरटेकर के रूप में रखा था, उसी ने विश्वासघात करते हुए उन्हें डरा-धमकाकर घर से बेदखल कर दिया था। हद तो तब हो गई जब उस केयरटेकर ने फ्लैट पर अपना मालिकाना हक साबित करने के लिए एक फर्जी विवाह प्रमाण-पत्र (मैरिज सर्टिफिकेट) तक तैयार करवा लिया।

🏚️ किराए के मकान में भटकने को मजबूर हुई बुजुर्ग मां और 71 वर्षीय बेटा

इस साजिश के चलते एक बुजुर्ग मां और उनका 71 वर्षीय बीमार बेटा सालों तक किराए के मकानों में भटकने के लिए मजबूर होते रहे। यह पूरी घटना राज्य की उस बेहद चिंताजनक और गंभीर स्थिति को भी उजागर करती है, जिसमें मध्य प्रदेश लगातार तीसरे वर्ष वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामले में देश भर में पहले स्थान पर बना हुआ है।

पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता मनोज शर्मा और ईशा शर्मा के अनुसार, गीता चौहान ने अपने बेटे की देखरेख के लिए ज्योति पांजरे को केयरटेकर के तौर पर रखा था। लेकिन उस महिला ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे खुद को बेटे की पत्नी साबित कर दिया और फ्लैट पर अवैध कब्जा कर लिया। जब मां-बेटे ने इसका विरोध किया, तो उन्हें घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

⚖️ वरिष्ठ नागरिक अधिनियम के तहत एसडीएम कोर्ट से मिला न्याय

इस मामले में वरिष्ठ नागरिक (माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण) अधिनियम, 2007 के तहत कानूनी लड़ाई लड़ी गई, और मामला एसडीएम न्यायालय, जूनी इंदौर के समक्ष पहुँचा।

न्यायालय ने दस्तावेजों और साक्ष्यों की गहन जांच के बाद फ्लैट का वैध मालिकाना हक पूरी तरह से गीता चौहान का पाया। कोर्ट के आदेश के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त मौजूदगी में कड़े प्रशासनिक एक्शन के तहत बेदखली की कार्रवाई पूरी की गई और आखिरकार बुजुर्ग महिला को उनके फ्लैट का कब्जा वापस दिला दिया गया।

🔪 "तेरे गले पर पांव रखकर मार दूंगी" - केयरटेकर की घिनौनी प्रताड़ना

पीड़ित बुजुर्ग महिला के 71 वर्षीय बेटे त्रिलोक चौहान ने अपनी दर्दभरी दास्तां सुनाते हुए बताया कि, ''उस महिला ने कुछ ही दिनों बाद हमें मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था।''

वह कभी मेरी बुजुर्ग मां को डराते-धमकाते हुए कहती थी कि मैं तुम दोनों को जहर देकर मार दूंगी, तो कभी मुझे धमकाती कि मैं तेरे गले पर पांव रखकर तुझे जान से मार दूंगी और घर में केरोसिन (घासलेट) डालकर जला दूंगी। इन धमकियों के साये में हम इतने वर्षों तक किराए के मकान में बेहद नारकीय और परेशानहाल जिंदगी जीने को मजबूर रहे।

📞 बिस्तर से गिरने पर पुलिस बुलानी पड़ती थी, खौफ के मारे नहीं रखा कोई केयरटेकर

त्रिलोक चौहान ने आगे अपनी लाचारी बताते हुए कहा कि, ''मैं लकवाग्रस्त होने के कारण अपने बिस्तर से उठ तक नहीं सकता हूँ। यदि कभी गलती से मैं बिस्तर से नीचे गिर जाता था, तो मुझे मजबूरन 'डायल 100' पर फोन करके पुलिस बुलानी पड़ती थी, क्योंकि मेरी बुजुर्ग मां अकेली मुझे उठाने में असमर्थ थीं।''

उन्होंने बताया कि उस दौर के भयानक मानसिक आघात और खौफ के कारण हमने उसके बाद से कभी भी किसी भी अजनबी को अपने घर में केयरटेकर के रूप में रखने की हिम्मत नहीं जुटाई।

📊 मध्य प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों के चिंताजनक आंकड़े

यह घटना अकेले की नहीं है, बल्कि एनसीआरबी (NCRB) के हालिया आंकड़े राज्य की एक भयावह तस्वीर पेश करते हैं:

  • शीर्ष स्थान: एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाले अपराधों के मामले में मध्य प्रदेश पिछले तीन वर्षों से लगातार देश में पहले (शीर्ष) स्थान पर बना हुआ है।

  • वर्ष 2024 के आंकड़े: अकेले वर्ष 2024 के दौरान ही वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े अपराधों के कुल 5,875 मामले दर्ज किए गए हैं।

  • तीन वर्षों का कुल ग्राफ: वर्ष 2022 से 2024 के बीच इस अवधि में राज्यभर से कुल 17,800 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।

  • इंदौर का हाल: अकेले वर्ष 2023 में आर्थिक राजधानी इंदौर शहर में ही वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े 273 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।

⚠️ साइबर ठग और शातिर अपराधी इस तरह बना रहे हैं बुजुर्गों को निशाना

आज के समय में ठग और शातिर लोग बुजुर्गों को अपना आसान शिकार बनाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपना रहे हैं:

  • डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) का झूठा और बड़ा डर दिखाकर।

  • बैंक खाते और मोबाइल नंबर के KYC अपडेट कराने के नाम पर भारी धोखाधड़ी करके।

  • शेयर बाजार या निवेश (Investment) पर बहुत ज्यादा मुनाफे का लालच देकर।

  • बैंक डिटेल्स, OTP और स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स के माध्यम से ठगी को अंजाम देकर।

  • किसी नजदीकी परिचित या शुभचिंतक का रूप धरकर उनका आसानी से विश्वास जीतना।

  • भावनात्मक और कानूनी पैंतरे अपनाकर संपत्ति हड़पने की धोखाधड़ी करना।

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