श्रावण मास के पहले सोमवार को निकलेगी बाबा महाकाल की पहली सवारी, मनमहेश स्वरूप में देंगे दर्शन
श्रावण मास के पहले सोमवार को उज्जैन में बाबा महाकाल की सवारी निकलेगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और मनमहेश स्वरूप के दर्शन करने लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे।
उज्जैन : पवित्र श्रावण मास के पहले सोमवार के पावन अवसर पर धर्मनगरी उज्जैन एक बार फिर उस अत्यंत दिव्य और अलौकिक क्षण की साक्षी बनेगी, जब अवंतिकानाथ भगवान महाकाल रजत पालकी में 'मनमहेश' स्वरूप का श्रंगार धारण कर अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए भव्य नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
इस विशेष सोमवार की शाम को ठीक चार बजे महाकाल मंदिर से पारंपरिक और राजकीय राजवैभव के साथ सवारी रवाना होगी। सवारी के पूरे पारंपरिक मार्ग पर देश-विदेश से पहुँचे लाखों श्रद्धालु अपने आराध्य के एक झलक पाने के लिए उमड़ेंगे, जिससे पूरा शहर गगनभेदी "हर-हर महादेव" के जयघोष से पूरी तरह गुंजायमान हो उठेगा।
🏛️ मंदिर के सभामंडप में पूजन के बाद गार्ड ऑफ ऑनर के साथ होगी रवाना
भगवान श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की प्राचीन और पुरातन परंपरा के अनुसार, सवारी शुरू होने से ठीक पहले दोपहर 3:30 बजे महाकाल मंदिर के मुख्य सभामंडप में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह भगवान महाकाल के मनमहेश स्वरूप की विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे और इसके बाद पालकी को नगर भ्रमण के लिए विदा किया जाएगा।
मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल द्वारा राजाधिराज को गार्ड ऑफ ऑनर (सलामी) दिया जाएगा। इसके उपरांत सवारी महाकाल मंदिर से निकलकर कोट मोहल्ला, गुजरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी के रास्ते होते हुए शाम लगभग 4:40 बजे क्षिप्रा नदी के पावन रामघाट पहुँचेगी।
🌊 रामघाट पर क्षिप्रा जल से अभिषेक, इन प्रमुख मार्गों से गुजरेगी सवारी
रामघाट पर पहुँचकर मोक्षदायिनी शिप्रा के पवित्र जल से भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जाएगा।
यहाँ से पूजन के पश्चात लौटते समय सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, प्रसिद्ध गोपाल मंदिर और पटनी बाजार होते हुए शाम करीब 7 बजे पुनः ससम्मान महाकाल मंदिर वापस पहुँचेगी। इस पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुगम सुविधा, पुख्ता सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन द्वारा बेहद व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
👮 सुरक्षा के कड़े इंतजाम: 1200 पुलिसकर्मी संभालेंगे व्यवस्था
भगवान श्री महाकालेश्वर की इस भव्य सवारी को लेकर स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए हैं।
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सवारी के पूरे पारंपरिक मार्ग पर लगभग 1200 पुलिस अधिकारी और जवान मुस्तैदी से तैनात रहेंगे।
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इसके अलावा 500 से अधिक प्रशिक्षित वालंटियर्स भी श्रद्धालुओं की व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) में पूरा सहयोग करेंगे।
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भीड़ की प्रत्येक गतिविधि पर बारीक नजर रखने के लिए विशेष रूप से 5 हाई-टेक ड्रोन, दर्जनों सीसीटीवी कैमरे और ऊंची इमारतों की छतों पर दूरबीन के साथ तैनात पुलिसकर्मियों की मदद ली जाएगी।
📊 एक नजर में महाकाल सवारी की खास बातें:
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5 किलोमीटर लंबा रहेगा भगवान महाकाल का पारंपरिक सवारी मार्ग।
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4 घंटे करीब चलेगा यह अद्भुत शिवभक्ति और लोक आस्था का अनुपम उत्सव।
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9 पारंपरिक दल अपनी प्रस्तुतियां देकर लोक संस्कृति और शिवभक्ति का अनोखा रंग बिखेरेंगे।
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1200 से अधिक पुलिसकर्मी व प्रशासनिक अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
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100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी और मजबूत बैरिकेडिंग से क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।
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