गांजा तस्कर शैलू कंजर पर भोपाल पुलिस का बड़ा शिकंजा, पहली बार लगाया गया पिट-एनडीपीएस एक्ट

भोपाल पुलिस ने आदतन गांजा तस्कर शैलू उर्फ शैलेश संकत के खिलाफ पहली बार पिट-एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 6 महीने के निरोध का आदेश जारी किया है।

Aug 01, 2026 - 12:04
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गांजा तस्कर शैलू कंजर पर भोपाल पुलिस का बड़ा शिकंजा, पहली बार लगाया गया पिट-एनडीपीएस एक्ट

भोपाल: भोपाल पुलिस ने पहली बार नशा तस्करों के खिलाफ अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोकथाम के लिए कड़े 'पिट-एनडीपीएस एक्ट' (PIT-NDPS Act, 1988) के तहत एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने 'नशे से दूरी' अभियान के तहत कुख्यात गांजा तस्कर शेलू उर्फ शैलेश संकत को पूरे छह महीने के लिए निरुद्ध (Detention) कराया है। इसका मतलब यह है कि अब वह सामान्य मामलों की तरह जमानत या ट्रायल का लाभ लेकर तुरंत जेल के बाहर नहीं आ सकेगा। पुलिस के अनुसार, इस आदतन आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट सहित कुल 42 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, और वह वर्ष 2020 से लगातार गांजा परिवहन व बिक्री के अवैध कारोबार में सक्रिय रूप से संलिप्त रहा है।

🚨 भोपाल में पहली बार गांजा तस्कर के खिलाफ पिट-एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई

राजधानी भोपाल में अवैध मादक पदार्थों के तस्करों की अब बिल्कुल भी खैर नहीं है। पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधियों के खिलाफ पूरी तरह से एक्शन मूड में नजर आ रही है। पुलिस कमिश्नर सिस्टम के तहत कमिश्नर संजय कुमार द्वारा जारी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने पहली बार पीईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर गांजा तस्कर शेलू को 6 महीने के लिए निरुद्ध कर दिया है। इस प्रशासनिक आदेश के तुरंत बाद आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच केंद्रीय जेल, इंदौर में निरुद्ध करने के लिए भेज दिया गया है।

📦 पूरा परिवार है गांजा तस्करी में शामिल, बिचौलियों के जरिए चला रहा था नेटवर्क

बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि, ''भोपाल संभाग के आयुक्त ने पीईटी-एनडीपीएस एक्ट की धारा 3(1) के तहत आरोपी के विरुद्ध निरोध का यह आदेश जारी किया है।''

आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट के विभिन्न मामलों सहित कुल 42 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह साल 2020 से लगातार गांजे के अवैध बिक्री कारोबार में लिप्त रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि उसका पूरा परिवार भी इसी अवैध कारोबार में शामिल है। कुछ समय पहले ही वह जेल से रिहा होकर बाहर आया था, लेकिन जेल से छूटते ही उसने अपनी पुरानी हरकतों से बाज न आते हुए दोबारा से गांजा तस्करी का काम शुरू कर दिया था। पुलिस की पैनी नजर और गिरफ्तारी से बचने के लिए वह शहर में सीधे सामने आने के बजाय बिचौलियों और एजेंटों के माध्यम से अपने तस्करी के इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था।

भोपाल पुलिस ने इसे नशा तस्करों के खिलाफ एक बेहद कड़ा संदेश बताते हुए स्पष्ट किया है कि संगठित ड्रग नेटवर्क और अपराधियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले मंदसौर और नीमच जिलों में भी इस तरह के तस्करों के खिलाफ पीट एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाइयां की जा चुकी हैं।

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