महाकाल मंदिर और उज्जैन की व्यवस्था सुधारने के लिए इंदौर आईआईएम तैयार करेगा मास्टर प्लान
आईआईएम इंदौर तैयार करेगा मास्टर प्लान.
महाकाल मंदिर और उज्जैन शहर की व्यवस्था सुधारने IIM इंदौर तैयार करेगा मास्टर प्लान
उज्जैन (मनोज कुमार )महाकाल लोक बनने के बाद महाकालेश्वर मंदिर में रोजाना डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंच रहे हैं। खास पर्वों पर यह संख्या 8 लाख तक पहुंच जाती है, जिससे शहर की ट्रैफिक और क्राउड मैनेजमेंट व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए 2028 में होने वाले सिंहस्थ महापर्व के मद्देनजर महाकाल मंदिर और उज्जैन शहर की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) इंदौर को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
IIM इंदौर का प्लान
IIM इंदौर की चार सदस्यीय टीम महाकाल मंदिर समिति और जिला प्रशासन के साथ मिलकर एक विस्तृत रोडमैप तैयार करेगी। इसमें श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन, ट्रैफिक नियंत्रण, पार्किंग सुविधाओं और क्राउड मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह प्लान 15-20 साल आगे की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा।
महाकाल मंदिर और शहर का निरीक्षण
शुक्रवार को IIM इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय और उनकी टीम ने महाकाल मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की एंट्री और एग्जिट पॉइंट, दर्शन में लगने वाला समय, और भीड़ के दबाव वाले स्थानों की समीक्षा की। इसके साथ ही महाकाल लोक और अन्य प्रवेश द्वारों का भी गहन अध्ययन किया।
5E मॉडल पर होगा काम
IIM की टीम उज्जैन शहर की व्यवस्था सुधारने के लिए 5E मॉडल (एजुकेशन, एनफोर्समेंट, इंजीनियरिंग, इमरजेंसी, एनवायरनमेंट) पर काम करेगी। यह मॉडल मंदिर के अंदर और बाहर दोनों जगहों पर भीड़ और ट्रैफिक नियंत्रण में मदद करेगा। टीम विभिन्न समयों में क्षेत्र का निरीक्षण करेगी—सुबह, दिन, रात, और पीक लोड के दिनों में।
मुख्य समस्याएं
1. डबल ट्रैफिक का समाधान
वर्तमान में श्रद्धालु जूते और मोबाइल लेने के लिए उसी स्थान पर लौटते हैं, जहां से उन्होंने जमा किया था। इससे एक ही मार्ग पर दो बार ट्रैफिक बढ़ता है। इसे रोकने के लिए सामान को एग्जिट पॉइंट पर भेजने की व्यवस्था की जाएगी।
2. पार्किंग और ट्रैफिक
महाकाल मंदिर के पास हरी फाटक ब्रिज, बेगमबाग, महाकाल घाटी, और पटनी बाजार जैसे क्षेत्रों में जाम की समस्या रहती है। IIM का प्लान इन स्थानों पर बेहतर पार्किंग और वैकल्पिक मार्ग विकसित करेगा।
3. सुविधाओं का विकास
सिंहस्थ महापर्व को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए शौचालय, पेयजल, और अन्य सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा।
रोडमैप की समय सीमा
IIM इंदौर अगले 3-4 महीनों में अपना प्लान तैयार करेगा और इसे जिला प्रशासन को सौंपेगा। इसके बाद महाकाल मंदिर और शहर में इसे लागू किया जाएगा।
IIM इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय ने कहा, हमारा उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के दर्शन और सुविधाएं मिलें। यह प्लान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा।
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