Electricity Issue in Ratlam: बिजली का बिल घरेलू, पर सप्लाई कृषि फीडर से! 10 साल से अंधेरे में रहने को मजबूर ग्रामीण
रतलाम के रामपुरिया गांव में सौभाग्य योजना की खानापूर्ति के कारण 24 परिवार अंधेरे में। कृषि फीडर से कनेक्शन मिलने के कारण केवल 10 घंटे बिजली, भारी-भरकम बिल से ग्रामीण परेशान।
रतलाम। मध्य प्रदेश में चौबीस घंटे बिजली के तमाम दावों के बीच, रतलाम जिले के रामपुरिया गांव के करीब दो दर्जन परिवार आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इन परिवारों को केंद्र सरकार की 'सौभाग्य योजना' के तहत घरेलू कनेक्शन तो दिए गए, लेकिन बिजली विभाग ने इन्हें घरेलू फीडर के बजाय कृषि फीडर से जोड़ दिया। इस वजह से इन्हें दिन में केवल 10 घंटे बिजली मिलती है और बाकी के 14 घंटे पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहता है।
📉 भारी-भरकम बिल और 14 घंटे का अंधेरा
ग्रामीण गणेश मुनिया और भरत लाल ने बताया कि उन्हें बिजली का बिल तो पूर्ण घरेलू सप्लाई का मिलता है, लेकिन सुविधा केवल कृषि फीडर की दी जा रही है। बच्चों की पढ़ाई और रात के अंधेरे में रहने के कारण ये परिवार पिछले 10 सालों से भारी परेशानी झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार दफ्तरों के चक्कर काटे गए, लेकिन विभाग की अनदेखी के चलते समाधान आज तक नहीं निकल पाया है।
🚧 खानापूर्ति की भेंट चढ़ी योजना
वर्ष 2017 में सौभाग्य योजना के तहत खंभे तो खड़े कर दिए गए, लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारियों ने केबल डालने की जहमत नहीं उठाई। जल्दबाजी में कृषि फीडर से कनेक्शन जोड़कर योजना की खानापूर्ति कर दी गई। अब स्थिति यह है कि सिंचाई के सीजन में जब फीडर का समय बदलता है, तो ग्रामीणों की समस्या और भी गंभीर हो जाती है।
🛠️ विभाग ने दिया जल्द समाधान का आश्वासन
ग्रामीणों की बढ़ती शिकायतों के बाद विद्युत वितरण कंपनी के डीई विक्रांत ठाकुर ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर ग्रामीणों की समस्या देखी है। डीई ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नियमानुसार इन परिवारों को घरेलू विद्युत फीडर से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी ताकि उन्हें 24 घंटे बिजली की सुविधा मिल सके।
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