शिक्षक के ट्रांसफर से फफक कर रोए स्कूली बच्चे; आदर्श स्कूल बनाने वाले बद्रीलाल राठौड़ को दी भावुक विदाई
रतलाम के रूपनगर प्राथमिक स्कूल के शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ के ट्रांसफर पर बच्चे और ग्रामीण भावुक। शिक्षक ने मेहनत से स्कूल को बनाया था प्रदेश का आदर्श विद्यालय।
रतलाम। जावरा ब्लॉक के रूपनगर गांव स्थित शासकीय प्राथमिक स्कूल में सोमवार का दिन बेहद भावुक रहा। विद्यालय को 'आदर्श स्कूल' और 'बैगलेस शिक्षा' का केंद्र बनाने वाले शाला प्रभारी शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ का तबादला होने पर बच्चे फफक-फफक कर रो पड़े। शिक्षक और बच्चों के बीच का यह अटूट रिश्ता देखकर ग्रामीणों की भी आँखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने शिक्षक का ट्रांसफर रुकवाने के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर शिक्षा अधिकारियों तक भरसक प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।
📚 प्राइवेट से बेहतर बना सरकारी स्कूल
शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ के प्रयासों और जन सहयोग से रूपनगर का यह प्राथमिक विद्यालय पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गया था। स्कूल में न केवल बुनियादी समस्याओं का समाधान किया गया, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और स्वच्छता के बीच बच्चों को आधुनिक शिक्षा दी जाने लगी। यहाँ की शिक्षा गुणवत्ता से प्रभावित होकर आसपास के गांवों के बच्चे भी प्राइवेट स्कूल छोड़कर इस शासकीय स्कूल में दाखिला लेने लगे थे। स्कूल के मुख्य द्वार पर 'समस्या मुक्त विद्यालय' लिखा जाना इसके सफल प्रबंधन की कहानी बयां करता है।
🤝 भविष्य में भी व्यवस्था बनाए रखने की अपील
विदाई के समय शिक्षक बद्रीलाल राठौड़ ने बच्चों को प्रशासनिक प्रक्रिया के बारे में समझाते हुए हौसला बढ़ाया। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे स्कूल की व्यवस्था में पूर्व की भांति अपना सहयोग जारी रखें, ताकि यह आदर्श विद्यालय अपनी पहचान बरकरार रख सके। स्थानीय निवासी जगदीश यादव ने कहा कि प्रशासन को किसी भी शिक्षक का तबादला करने से पहले यह सोचना चाहिए कि उससे विद्यालय की व्यवस्थाओं पर क्या असर पड़ेगा। ग्रामीण अब इस तबादले को लेकर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जता रहे हैं।
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