मार्कफेड और नाफेड की मूंग में गड़बड़ी, वेयरहाउस संचालक और जिला प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज
नर्मदापुरम के माखननगर स्थित वेयरहाउस में सरकारी मूंग में मिट्टी की मिलावट का मामला सामने आया है। शासन को 28 करोड़ का चूना लगाने वाले आरोपियों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
नर्मदापुरम : मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले से मूंग दाल में मिट्टी की बड़े पैमाने पर मिलावट का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के माखननगर स्थित 'कनकधारा वेयरहाउस' में रखी करीब 31 हजार क्विंटल सरकारी मूंग में भारी मात्रा में मिट्टी मिली हुई पाई गई है। यह खबर इसलिए भी बेहद अहम और चौंकाने वाली है क्योंकि हाल ही में किसानों का बड़ा आंदोलन मुख्य रूप से नर्मदापुरम से ही शुरू हुआ था, जहाँ किसानों ने एमएसपी पर अधिक मूंग खरीदे जाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया था। हालाँकि सरकार ने तब किसानों की मांग पर सहमति जता दी थी, लेकिन अब सरकारी मूंग में मिलावट का यह गंभीर मामला व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
📉 सरकारी खजाने को लगाया 28 करोड़ रुपये से अधिक का चूना
मामले की जानकारी मिलते ही नर्मदापुरम कलेक्टर सोमेश मिश्रा को यह सूचना मिली थी कि माखननगर के कनकधारा वेयरहाउस में रखी हुई सरकारी मूंग में सुनियोजित तरीके से मिलावट की जा रही है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तुरंत एक उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया, जिसमें एसडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और कृषि अधिकारी को शामिल किया गया।
इस जांच टीम ने मौके पर पहुँचकर औचक निरीक्षण किया, जिसमें यह खुलासा हुआ कि वेयरहाउस में रखी सरकारी मूंग के कुल 23 स्टैक में भारी गड़बड़ी है। इसके अलावा कई बोरियों में दाल से ज्यादा मिट्टी और अन्य बाहरी अवांछित पदार्थ पाए गए। यहाँ तक कि कई बोरियां तो पूरी तरह से केवल मिट्टी से ही भरी हुई मिलीं। स्थिति की नजाकत को देखते हुए वेयरहाउस को तुरंत सील कर दिया गया और स्टॉक के सभी नमूनों को गुणवत्ता जांच के लिए लैब भेज दिया गया।
🔍 जांच रिपोर्ट में हुए सनसनीखेज खुलासे, दोषियों पर दर्ज हुई FIR
सामने आई जांच रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान मार्कफेड (Markfed) और नाफेड (Nafed) की लगभग 31,298.89 क्विंटल मूंग में यह मिलावट की गई थी। इस बड़ी मिलावट और घोटाले के कारण शासन को लगभग 28.14 करोड़ रुपये के भारी-भरकम आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य भी सामने आया कि जिस वेयरहाउस में यह गड़बड़ी पकड़ी गई है, उसे करीब एक साल पहले भी विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने के कारण ब्लैकलिस्ट (Blacklist) किया गया था। सबसे खास बात यह है कि इस पूरे खेल में वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे भी पूरी तरह शामिल थे, और सब कुछ जानते-बूझते हुए भी उनकी तरफ से कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई थी।
सरकारी मूंग के सुरक्षित भंडारण में इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी और निगरानी व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया। अंततः जांच रिपोर्ट के आने के बाद जिला विपणन अधिकारी अनिल जैन की औपचारिक शिकायत पर माखननगर थाने में वेयरहाउस संचालक तारेश पुरोहित, तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्याम हौसले और वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक वासुदेव डवडे के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है।
👮♂️ प्रशासन की सख्त चेतावनी, जिले के अन्य वेयरहाउसों की भी होगी जांच
इस पूरे बहुचर्चित मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नर्मदापुरम के एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि, ''जिला कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसानों के हितों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि ऐसा कृत्य कहीं भी पाया जाता है, तो संबंधितों के विरुद्ध बेहद कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।''
उन्होंने आगे यह भी बताया कि प्रशासन की टीमें अब जिले के अन्य सभी वेयरहाउसों की भी लगातार और सघन जांच कर रही हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मूंग दाल या अन्य अनाज के भंडारण में किसी भी अन्य प्रकार की गड़बड़ी न हो सके।
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