मन्नतों से हुआ था शिवांश, 4 दिन बाद था जन्मदिन; कार हादसे में बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम
इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर पर अचानक कार रोकने से हुए हादसे में 3 साल के मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। बच्चे के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं।
इंदौर। एक छोटी सी मामूली सी चूक ने हंसते-खेलते परिवार की सारी खुशियां पलभर में हमेशा के लिए छीन लीं। शुक्रवार के दिन एक परिवार अपनी कार में सवार होकर सफर कर रहा था, जिसमें उनका तीन वर्षीय मासूम बच्चा आगे की सीट पर अपनी मां के पास खड़ा हुआ था। रास्ते में एक स्पीड ब्रेकर पर आगे चल रही कार के अचानक ब्रेक लगा देने के कारण पीछे चल रही कार उससे जोरदार तरीके से जा टकराई।
यह टक्कर इतनी भीषण थी कि झटका लगते ही बच्चा उछलकर सीधा कार के आगे वाले डैशबोर्ड से जा टकराया। इस भयानक हादसे में उसके सिर और चेहरे पर बेहद गंभीर चोटें आईं। परिवार के लोग तुरंत उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के एयरबैग (Airbags) भी तुरंत खुल गए थे। इस बात की भी गहरी आशंका जताई जा रही है कि एयरबैग खुलने के झटके से भी बच्चे को अंदरूनी चोट लगी होगी, जिससे उसकी जान चली गई। यह दिल दहला देने वाला हादसा गांधी नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दिलीप नगर इलाके में हुआ है।
🚗 स्पीड ब्रेकर पर अचानक ब्रेक लगने से हुआ दर्दनाक हादसा
मूल रूप से बिंजाना निवासी सतीश राठौर अपनी पत्नी मोना के साथ अपने एक रिश्तेदार की तेरहवीं के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए खेड़ी सिहोद (मानपुर) जा रहे थे। जिस कार से वे यात्रा कर रहे थे, उसे सतीश के साढ़ू राकेश सिंह (निवासी मुंडला, सांवेर) चला रहे थे। उनकी कार के ठीक आगे एक सफेद रंग की कार (एमपी-09-सीवी-5019) चल रही थी।
जैसे ही उनकी गाड़ी आदिनाथ ग्रीन कॉलोनी के समीप पहुँची, आगे चल रही उस कार ने अचानक एक स्पीड ब्रेकर पर जोरदार ब्रेक लगा दिए। इसके चलते ड्राइवर राकेश अपनी कार को नियंत्रित नहीं कर सके और उनकी कार (एमपी-09-बीयू-6030) पीछे से आगे वाली कार से जा भिड़ी।
💥 डैशबोर्ड से टकराने के कारण मासूम शिवांश को आई गंभीर चोटें
कार में मां मोना के पास उनका तीन वर्षीय बेटा शिवांश खड़ा होकर खेल रहा था। अचानक ब्रेक लगने और जबरदस्त टक्कर के कारण शिवांश तेजी से उछला और कार के कड़े डैशबोर्ड से जा टकराया।
इस टक्कर से उसके सिर और मुंह पर काफी गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश हो गया। सतीश और राकेश तुरंत उसे एक निजी अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एमवाय अस्पताल (MY Hospital) रेफर कर दिया, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
🎂 मन्नतों के बाद हुआ था शिवांश, ठीक चार दिन बाद था उसका जन्मदिन
परिचित रिश्तेदार कुलदीप के अनुसार, सतीश खेती-किसानी का काम करते हैं। उनकी शादी करीब पांच वर्ष पहले मोना के साथ हुई थी। मासूम शिवांश बहुत लंबी मन्नतों और प्रार्थनाओं के बाद पैदा हुआ था। आगामी पांच अगस्त को ही उसका जन्मदिन आने वाला था, जिसे लेकर परिवार में उत्साह का माहौल था।
सतीश ने रोते हुए बताया कि कार के भीतर शिवांश की नानी बिलमबाई और प्रेमबाई भी सवार थीं। इस अचानक हुए जोरदार झटके के कारण वे दोनों बुजुर्ग महिलाएं भी सीट से टकराकर घायल हो गईं। इस दिल चीर देने वाली घटना के बाद मां मोना बुरी तरह सदमे में आकर बेहोश हो गईं, और पिता सतीश भी कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं बचे हैं।
🛡️ कार में सफर के दौरान बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी सावधानियां
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क पर चलते समय छोटी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। बच्चों की सुरक्षा के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
-
रियर-फेसिंग सीट: नवजात शिशु से लेकर दो वर्ष तक की आयु के बच्चों के लिए हमेशा कार की पीछे की सीट पर 'रियर-फेसिंग चाइल्ड कार सीट' का ही उपयोग किया जाना चाहिए।
-
फारवर्ड-फेसिंग सीट: दो वर्ष से लेकर चार वर्ष तक की उम्र के बच्चों के लिए 'फारवर्ड-फेसिंग चाइल्ड कार सीट' का इस्तेमाल सुरक्षित रहता है।
-
बूस्टर सीट: चार वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए हमेशा बूस्टर सीट का उपयोग करना चाहिए, ताकि कार की सीट बेल्ट बच्चे की छाती और कंधे पर सही तरीके से फिट हो सके।
-
सीट बेल्ट की सीमा: सामान्य कार सीट बेल्ट केवल वयस्कों के शरीर की बनावट को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, इसलिए छोटे बच्चों के लिए केवल सामान्य सीट बेल्ट कभी भी पर्याप्त नहीं होती।
-
सुरक्षा कवच: सड़क पर किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति के दौरान बच्चों के नाजुक सिर और गर्दन पर सबसे अधिक दबाव पड़ता है, और एक अच्छी चाइल्ड कार सीट इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)