मानभद्र भक्ति महोत्सव में उमड़ी 10 हजार से अधिक भक्तों की भीड़, आचार्य कुमुदनंद का मिला सान्निध्य
इंदौर में राष्ट्रसंत मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ने चातुर्मास धर्मसभा में कहा कि धर्म और धर्मात्माओं पर टैक्स लगाने से राष्ट्र का पतन शुरू हो जाता है। जानिए धर्मसभा की खास बातें।
इंदौर। जिस दिन धर्म और धर्मात्माओं पर किसी भी प्रकार की कोई पाबंदी नहीं होगी, ठीक उसी दिन राष्ट्र और समाज में सुख-समृद्धि और हरियाली अपने चरम पर पहुँच जाएगी। जिस भी दिन कोई राजा या शासक धर्म और धर्मात्माओं पर कर (टैक्स) लगा देगा, उसी मनमाने दिन से राष्ट्र के पतन की वास्तविक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसलिए कभी भी धर्म और धर्मात्मा के यहाँ डाका मत डालना। धर्म के किसी भी पवित्र कार्य को करने में मन में किसी भी प्रकार का डर या संकोच नहीं होना चाहिए।
यह अत्यंत ही प्रेरणादायी और मार्गदर्शक विचार राष्ट्रसंत मुनि पुंगव सुधासागर महाराज ने शुक्रवार को 'सकल दिगंबर जैन धर्म प्रभावना समिति' के तत्वावधान में दलाल बाग स्थित विशाल सत्संग सभा मंडप में आयोजित चातुर्मास की महती धर्मसभा के दौरान व्यक्त किए।
कार्यक्रम के शुरुआत में राष्ट्रसंत को पवित्र शास्त्र भेंट करने का परम सौभाग्य छत्रपति नगर दिगंबर जैन समाज के सदस्यों ने प्राप्त किया। इसके अलावा मुनि श्री को श्रीफल अर्पित करने का सौभाग्य अभिषेक प्रीति, तनिष्क और यांश जैन (रानीपुरा वाले) को प्राप्त हुआ। इस दौरान मनीष-सपना गोधा, चक्रवर्ती नवीन, शिवानी गोधा, आनंद-अंतिका गोधा, हर्ष जैन तथा आकाश जैन (कोयला) ने सभी आए हुए साधकों और संतों की अगवानी की। कार्यक्रम का विधिवत मंगलाचरण निहारिका जैन द्वारा किया गया, जबकि दीप प्रज्वलन का सौभाग्य अमित-राकेश जैन नवकार परिवार को मिला। इस पूरे आयोजन का कुशल संचालन अनुराग जैन द्वारा किया गया।
✨ भक्ति महोत्सव में आचार्य कुमुदनंद और आचार्य विप्रणत सागर का प्राप्त हुआ पावन सान्निध्य
दूसरी ओर, नरसिंगपुरा मानभद्र भक्त मंडल के द्वारा धार रोड स्थित कीमती गार्डन में भव्य 'श्री मानभद्र भक्ति महोत्सव' का आयोजन किया गया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में आचार्य कुमुदनंद जी और आचार्य विप्रणत सागर जी महाराज का विशेष और पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ।
मीडिया प्रभारी प्रवीण जैन ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस पावन अवसर पर मंडल द्वारा लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को महाप्रसाद के रूप में भोजन कराया गया। इस पूरे महोत्सव के दौरान राष्ट्रीय स्तर के प्रसिद्ध गायक लवेश और हिमांशु भुरड़ द्वारा दी गई भजनों की प्रस्तुतियां उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
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