होर्मुज स्ट्रेट में भारी जंग, अमेरिका की लगातार 10वीं रात स्ट्राइक; हूतियों ने लाल सागर बंद करने की दी धमकी
होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। अमेरिकी सेना ने लगातार 10वीं रात ईरान पर एयरस्ट्राइक की है, वहीं यमन के हूतियों द्वारा लाल सागर नाकेबंदी की धमकी से क्रूड ऑयल $88 के पार पहुंच गया है।
अमेरिकी सेना ने देर रात घोषणा की है कि वह विश्व के सबसे रणनीतिक जलमार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Hormuz Strait) को वाणिज्यिक जहाजों के लिए फिर से खोलने के उद्देश्य से ईरान पर लगातार 10वीं रात भीषण हवाई हमले कर रही है. ये नए हमले अमेरिकी सैन्यकर्मियों के हताहत होने और ईरान द्वारा अमेरिका के क्षेत्रीय सहयोगियों—कुवैत, जॉर्डन और बहरीन (जहां अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा तैनात है)—पर मिसाइल व ड्रोन हमले करने के बाद तेज किए गए हैं.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (US CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि ये ताजा एयरस्ट्राइक उन ईरानी सैन्य क्षमताओं को नष्ट करने के लिए की जा रही हैं, जिनका उपयोग होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों पर हमले करने के लिए किया जा रहा है. यद्यपि अमेरिका और ईरान पूर्ण युद्ध के मुहाने पर पहुंच गए हैं, लेकिन कूटनीतिक मोर्चे पर एक उम्मीद की किरण भी देखी गई है—ईरान के गृह मंत्री बातचीत के उद्देश्य से पाकिस्तान पहुंचे हैं, जो इस संघर्ष में एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.
हालिया हमलों में जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और एक अन्य जवान लापता है. इसके अतिरिक्त, इराक में एक ईरानी ड्रोन को मार गिराने के बाद उसे नियंत्रित रूप से नष्ट करने की प्रक्रिया के दौरान एक अन्य अमेरिकी सैनिक की जान चली गई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मंगलवार शाम डोवर एयर फोर्स बेस पर एक सैन्य समारोह में भाग लेने वाले हैं, जहां शहीद सैनिक का पार्थिव शरीर पहुंचेगा. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड के अनुसार, लगातार 10 रातों से जारी हवाई हमलों में ईरान के मिलिट्री कमांड सेंटर, एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी साइट्स, मिसाइल व ड्रोन लॉन्च पैड्स और कम्युनिकेशन नेटवर्क को निशाना बनाया गया है.
अंतरिम युद्धविराम समझौता टूटने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो चुकी है. यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे टैंकरों पर मिसाइल/रॉकेट से हमले किए गए हैं.
ओमान के तट पर एक मालवाहक जहाज में आग लगने के बाद चालक दल के सदस्यों को जहाज छोड़ना पड़ा, जिसके बाद घंटों तक जलता हुआ जहाज समुद्र में बहता रहा. उल्लेखनीय है कि यह वही समुद्री मार्ग है जिसे अमेरिकी सेना ईरानी नियंत्रण से बचने के लिए जहाजों को अपनाने का परामर्श देती रही है. ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' ने भी सार्वजनिक रूप से इन टैंकरों को निशाना बनाने का दावा किया है.
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने और यमन के हुती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर (Red Sea) की नाकेबंदी की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है.
| आर्थिक मापदंड / सूचकांक | वर्तमान आंकड़ा / स्थिति | बाजार पर प्रभाव |
| बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) | $88 प्रति बैरल से अधिक | ऊर्जा लागत में भारी बढ़ोतरी |
| अमेरिका में गैसोलीन (पेट्रोल) दर | $4 प्रति गैलन (औसत) | आगामी मध्यावधि चुनावों पर राजनीतिक दबाव |
| होर्मुज से सामान्य तेल आपूर्ति | वैश्विक आपूर्ति का 20% (1/5वां हिस्सा) | वर्तमान में आवाजाही लगभग पूरी तरह प्रभावित |
| यूएस नेवी की नाकेबंदी | 7 जहाजों का रास्ता बदला, 1 निष्क्रिय | ईरानी कच्चे तेल के निर्यात को रोकने की रणनीति |
वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक नया खतरा तब उत्पन्न हो गया जब यमन के ईरान समर्थित हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा कर दी. हूतियों ने कहा कि वे लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच जहाजों की आवाजाही को रोकेंगे.
होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण सऊदी अरब अपना लाखों बैरल कच्चा तेल बाजार तक पहुंचाने के लिए लाल सागर तक जाने वाली ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर निर्भर रहा है. यदि हूती विद्रोही लाल सागर के मार्ग को भी बाधित करते हैं, तो दुनिया के सामने एक अभूतपूर्व ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है.
ईरान द्वारा मध्य पूर्व में अमेरिकी सहयोगियों को निशाना बनाए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर है:
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कुवैत: कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने आने वाली ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों का हवा में ही जवाब दिया.
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जॉर्डन: जॉर्डन की सेना ने अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाली तीन ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक मार गिराया.
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बहरीन: बहरीन के विदेश मंत्रालय ने अपने एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम को निशाना बनाकर किए गए ईरानी ड्रोन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है और इसे नागरिक उड्डयन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है.
निष्कर्ष: ट्रम्प प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह ईरान के बिजली स्टेशनों, बंदरगाहों और पुलों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा ताकि तेहरान को होर्मुज स्ट्रेट से अपनी पकड़ ढीली करने पर मजबूर किया जा सके. जब तक कूटनीतिक वार्ता के रास्ते कोई समाधान नहीं निकलता, तब तक वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर यह संकट बना रहेगा.
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