कालभैरव मंदिर में दर्शन व्यवस्था में बदलाव, वीआईपी प्रोटोकॉल बंद और जिगजैग से हो रहे दर्शन
उज्जैन के कालभैरव मंदिर में सावन मास की भीड़ को देखते हुए वीआईपी दर्शन व्यवस्था बंद कर दी गई है। वहीं मंदिर के बाहर पानी बेचने को लेकर दो पक्षों में मारपीट का मामला सामने आया है।
उज्जैन : विश्व प्रसिद्ध भगवान कालभैरव मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन व्यवस्था में अहम बदलाव किए गए हैं। मंदिर प्रशासन ने बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वीआईपी गेट के सामने लोहे के बैरिकेड्स लगाकर नया 'जिगजैग' (Zig-zag) मार्ग तैयार किया है, जिससे होकर अब सभी भक्त कतारबद्ध तरीके से मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुँच रहे हैं। सावन मास के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को और अधिक व्यवस्थित करने के लिए मंदिर में वीआईपी प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था को भी फिलहाल पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
👥 आम श्रद्धालुओं की सुविधा को दी गई प्राथमिकता
मंदिर प्रशासक संध्या मार्कण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही कालभैरव मंदिर में भक्तों की भारी आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा है। वर्तमान में प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान कालभैरव के दर्शन करने के लिए मंदिर पहुँच रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए बेहद सुगम दर्शन व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं।
पटवारी महेश देपन के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से मंदिर के प्रोटोकॉल द्वार के सामने खाली मैदान से अतिक्रमण हटवाया गया है और दान में मिले बैरिकेड्स की मदद से नया जिगजैग मार्ग बनाया गया है। अब सभी दर्शनार्थियों को इसी जिगजैग कतार के माध्यम से मुख्य द्वार से मंदिर के भीतर प्रवेश दिया जा रहा है। श्रावण माह की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए सारी व्यवस्थाएं पूरी तरह से 'आम भक्तों' को केंद्र में रखकर ही बनाई गई हैं, जिसके तहत आम जनता की सुविधा के लिए वीआईपी प्रोटोकॉल को निरस्त कर दिया गया है।
⚔️ कालभैरव मंदिर के बाहर पानी की बोतल बेचने को लेकर विवाद और मारपीट
एक तरफ जहाँ मंदिर के भीतर दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ मंदिर के बाहरी परिसर में एक अप्रिय घटना भी सामने आई है। कालभैरव मंदिर के ठीक बाहर पानी की बोतल बेचने के मामूली विवाद को लेकर शुक्रवार शाम को दो पक्षों के बीच जमकर विवाद हो गया। देखते ही देखते यह कहासुनी खूनी संघर्ष में बदल गई और दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडों व लोहे के पाइप से ताबड़तोड़ मारपीट शुरू हो गई।
इस पूरी घटना का किसी राहगीर ने अपने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते हुए साफ नजर आ रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही भैरवगढ़ थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दोनों पक्षों की लिखित शिकायतों के आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है।
🔍 रंगदारी और पैसों की मांग को लेकर बढ़ा विवाद
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम चकभीतरी निवासी जीवन (पुत्र चंदर सिंह चावड़ा) अपने बड़े भाई लखन चावड़ा के साथ कालभैरव मंदिर के मुख्य बाहर पानी की बोतलें बेचने का काम कर रहा था। पीड़ित जीवन का आरोप है कि उसी गाँव के रहने वाले संदीप (पुत्र गब्बर सिंह), अनिल चावड़ा, बंटी चावड़ा और एक अन्य अज्ञात युवक वहाँ पहुँचे और मंदिर के बाहर पानी बेचने की एवज में प्रतिदिन 100 रुपये रंगदारी (सुरक्षा शुल्क) देने की माँग करने लगे।
जीवन के अनुसार, जब उसने पैसे देने से साफ इनकार किया, तो आरोपी गाली-गलौज करने लगे। जब इसका विरोध किया गया तो विवाद काफी बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी बंटी ने उसे पीछे से पकड़ लिया और उसके साथ आए अन्य युवक ने उस पर लोहे के पाइप से हमला कर दिया, जिससे जीवन को गंभीर चोटें आईं। मंदिर के बाहर सरेआम मारपीट होते देख आसपास मौजूद स्थानीय लोगों और साधु-संतों ने बीच-बचाव कर किसी तरह दोनों पक्षों को अलग किया।
🏥 घायलों का अस्पताल में इलाज और पुलिसिया कार्रवाई
इस हिंसक झड़प के बाद घायल युवकों को तुरंत उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनका इलाज किया गया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों के लोग भैरवगढ़ थाने पहुँचे और एक-दूसरे के खिलाफ अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए दोनों पक्षों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है।
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