Bhopal: आखिर क्यों पहचान बदलना चाहती थी अर्चना तिवारी
मिसिंग गर्ल अर्चना तिवारी की मिस्ट्री का पूरा सच
भोपाल:- मध्यप्रदेश के कटनी जिले की रहने वाली अर्चना तिवारी की गुमशुदगी की खबर ने पिछले 13 दिन से प्रदेशभर में सनसनी फैला रखी थी। लेकिन अब पुलिस ने इस रहस्यमयी कहानी से पर्दा उठा दिया है। अर्चना को उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी से बरामद कर लिया गया।
कौन है अर्चना तिवारी
अर्चना तिवारी पेशे से वकील हैं। उन्होंने पहले जबलपुर में वकालत की और पिछले एक साल से इंदौर में प्रैक्टिस करते हुए सिविल जज की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान उनके घरवालों ने उनकी शादी एक पटवारी से तय कर दी।
जब अर्चना ने शादी से साफ इंकार कर दिया तो परिवार का दबाव बढ़ा। मजबूरी में अर्चना ने घर से दूर जाने और अपनी पहचान बदलने की योजना बना डाली।
अर्चना की मुलाकात इंदौर में सारांश नाम के युवक से हुई। दोनों की बातें बढ़ीं तो अर्चना ने अपनी मजबूरी बताई। सारांश भी जबरन शादी से परेशान था और उसने अर्चना की मदद करने का फैसला कर लिया।
यहीं से दोनों के साथ जुड़ा तेजिंदर नामक ड्राइवर, जिसने रास्ते और छिपने की प्लानिंग बताई। तेजिंदर ने बताया कि इटारसी आउटर पर सीसीटीवी नहीं हैं, जिससे बचना आसान होगा। उसने ही अर्चना को बिना टोल वाले रास्तों से निकालकर कई जगह पहुँचाया।
कैसे छिपी पुलिस से
अर्चना ने बुधनी के जंगल में अपना मोबाइल फेंक दिया।
पिता के नाम से नई सिम निकलवाई।
अलग-अलग शहरों में रुकी ताकि ट्रेस न हो सके।
उसका सफर शुजालपुर से शुरू हुआ, फिर बुरहानपुर, हैदराबाद, जोधपुर और आखिरकार काठमांडू तक जा पहुंचा।
काठमांडू में रहते हुए अर्चना ने अपनी मां से मोबाइल पर बात की। यही कॉल पुलिस के हत्थे चढ़ गई।
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