सिरोंज में राज्यस्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह, एक मंच पर जुटे प्रदेशभर के पत्रकार
सिरोंज में आयोजित राज्यस्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह में JUMP के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने निर्भीक, संगठित और स्वाभिमानी पत्रकारिता पर जोर दिया। कार्यक्रम में मंत्री नारायण सिंह पंवार सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने रखे विचार।
सच, साहस और स्वाभिमान का नाम है पत्रकारिता: अरुण सक्सेना
सिरोंज।पत्रकारिता कोई नौकरी, पद या सुविधा का साधन नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आत्मा, समाज की अंतरात्मा और आम आदमी की सबसे सशक्त आवाज़ है। यदि पत्रकार निर्भीक नहीं रहेगा, सच बोलने से डरेगा और सवाल पूछने से पीछे हटेगा, तो केवल पत्रकारिता ही नहीं, पूरा समाज गूंगा और असहाय हो जाएगा।
इन ओजस्वी शब्दों के साथ जर्नलिस्ट्स यूनियन ऑफ मध्यप्रदेश (JUMP) के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना ने सिरोंज में आयोजित राज्यस्तरीय पत्रकार सम्मान समारोह एवं कार्यशाला को संबोधित किया।
साहस और आत्मविश्वास की कमी सबसे बड़ा संकट
27 दिसंबर को आयोजित इस राज्यस्तरीय आयोजन में प्रदेशभर से आए वरिष्ठ, युवा और आंचलिक पत्रकारों को संबोधित करते हुए डॉ. सक्सेना ने कहा कि आज पत्रकारिता के सामने सबसे बड़ा संकट संसाधनों का नहीं, बल्कि साहस और आत्मविश्वास की कमी का है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि पत्रकार का दायित्व किसी के करीब जाना नहीं, बल्कि सच के साथ खड़ा रहना है। अगर कलम डर गई, तो सच दब जाएगा और समाज की चेतना कमजोर हो जाएगी।
संगठित पत्रकारिता ही समय की जरूरत
डॉ. अरुण सक्सेना ने कहा कि संगठित, सजग और सिद्धांतनिष्ठ पत्रकारिता ही आज की सबसे बड़ी जरूरत है। जब-जब व्यवस्था आम आदमी की आवाज़ को अनसुना करती है, तब-तब पत्रकार ही सबसे पहले अन्याय के खिलाफ खड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि समझौतों की पत्रकारिता समाज को न दिशा दे सकती है और न ही लोकतंत्र को मजबूत बना सकती है। इतिहास उन्हीं पत्रकारों को याद रखता है जिन्होंने दबाव और डर के बावजूद सच नहीं छोड़ा।
पत्रकारों की एकजुटता से मजबूत होगा लोकतंत्र
डॉ. सक्सेना ने पत्रकारों से अपने आत्मसम्मान को सर्वोपरि रखने और संगठन के माध्यम से एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब पत्रकार सच के पक्ष में संगठित होकर खड़ा होता है, तब व्यवस्था भी उसे नजरअंदाज नहीं कर सकती।
विकास की पहचान में पत्रकारों की अहम भूमिका: नारायण सिंह पंवार
कार्यक्रम के अतिविशिष्ट अतिथि मध्यप्रदेश शासन के मछुआ एवं मत्स्य कल्याण मंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि को विकास पुरुष का दर्जा यूं ही नहीं मिल जाता, इसके पीछे पत्रकारों की निष्पक्ष और जिम्मेदार भूमिका होती है।
उन्होंने JUMP के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पत्रकारों के आत्मसम्मान को मजबूत करते हैं।
ग्रामीण पत्रकारों तक पहुंचे सरकारी सुविधाएं: डॉ. नवीन जोशी
विशिष्ट अतिथि डॉ. नवीन आनंद जोशी, राष्ट्रीय महासचिव, भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ ने कहा कि शासन की सुविधाएं केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीण और आंचलिक पत्रकारों तक भी प्रभावी रूप से पहुंचें।
आरोप लगना निर्भीक पत्रकारिता की पहचान: रमेश शर्मा
मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा ने कहा कि जब पत्रकार व्यवस्था से सवाल पूछता है, तभी उसे बदनाम करने की कोशिशें होती हैं। आरोप लगना इस बात का संकेत है कि पत्रकारिता ने किसी को असहज किया है।
नेताओं की गोद में बैठने से कमजोर होती है पत्रकारिता: नितिन दुबे
नितिन दुबे, संपादक सर्च स्टोरी ने कहा कि पत्रकारिता का सबसे बड़ा खतरा बाहर से नहीं, बल्कि भीतर से है। सुविधा और नजदीकियों के चलते जब पत्रकार सवाल पूछना छोड़ देता है, तब वह जनता की आवाज़ नहीं रह जाता।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया मांगपत्र
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक मांगपत्र मंत्री नारायण सिंह पंवार को सौंपा। मंत्री ने मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम की औपचारिकताएं
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
स्वागत भाषण डॉ. कमल आलोक प्रसाद ने दिया, आभार प्रदर्शन रघुवीर प्रजापति ने किया, जबकि मंच संचालन एड. पवन सक्सेना ने किया।
निष्कर्ष
सिरोंज में आयोजित यह राज्यस्तरीय कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि सच, साहस और स्वाभिमान की पत्रकारिता का जीवंत दस्तावेज बनकर सामने आया, जहां विचार, अनुभव और जिम्मेदारी एक मंच पर एकत्र दिखाई दी।
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