शहर में बढ़ते सड़क हादसों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती; 1404 लोगों की जान का जिम्मेदार 'तेज रफ्तार'
इंदौर में सड़क हादसों का विश्लेषण: 6 साल में 18,189 हादसों में से 16,661 ओवर स्पीडिंग के कारण हुए। सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा कमेटी ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट।
इंदौर। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने इंदौर में सड़क हादसों की समीक्षा की। इस दौरान सामने आए बीते छह वर्षों के आंकड़े अत्यंत चिंताजनक हैं। शहर में हुए कुल 18,189 हादसों में से 16,661 हादसे केवल 'ओवर स्पीडिंग' (तेज रफ्तार) के कारण हुए। इन हादसों में 1,277 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
📊 हादसों और मौतों का विस्तृत विवरण
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, पूरे जिले में 25,598 सड़क हादसे हुए, जिनमें 3,434 लोगों की मृत्यु हुई। इनमें से केवल शहरी सीमा में 1,404 लोगों ने दम तोड़ा। शहरी क्षेत्र में होने वाली मौतों का मुख्य कारण ओवर स्पीडिंग रहा है।
| श्रेणी | कुल हादसे | मौतों की संख्या |
| ओवर स्पीडिंग | 16,661 | 1,277 |
| ड्रंक एंड ड्राइविंग | 75 | 2 |
| रेड लाइट जंपिंग | 34 | 2 |
| अन्य कारण | 1,419 | 123 |
🚑 घायलों की स्थिति
आंकड़ों के मुताबिक, शहरी क्षेत्र में हुए हादसों में 287 लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा, जबकि 14,437 लोग मामूली रूप से घायल हुए। समिति ने इन आंकड़ों के आधार पर सड़क सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।
⚖️ कमेटी का सख्त रुख
न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने शहर के सड़क सुरक्षा तंत्र पर कड़ा रुख अपनाते हुए मौतों का विस्तृत विश्लेषण मांगा है। यह समीक्षा बैठक प्रशासन को भविष्य में सड़क सुरक्षा को लेकर अधिक संवेदनशील और सक्रिय होने की चेतावनी देती है, ताकि तेज रफ्तार के कारण होने वाली इन बेमौत मौतों को रोका जा सके।
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