सिमी और PFI से कनेक्शन! नईम-फराज के पास मिले 15 से ज्यादा मोबाइल नंबर, एटीएस की जांच में बड़ा खुलासा
भोपाल में गिरफ्तार संदिग्धों के पास से 225 से ज्यादा कट्टरपंथी किताबें बरामद। सिमी और PFI से कनेक्शन का खुलासा। पढ़ें एटीएस की कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट।
भोपाल। मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) की जांच में भोपाल के फराज और सहारनपुर के नईम अब्दुल्ला के बीच एक खतरनाक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। एटीएस सूत्रों के अनुसार, इन दोनों संदिग्धों ने एक-दूसरे को 225 से अधिक ऐसी किताबें साझा की थीं, जिनमें कट्टरपंथी और उग्र जेहादी सामग्री शामिल थी। इनमें से अधिकांश सामग्री पीडीएफ (PDF) फॉर्म में थी। नईम ने फराज को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने के लिए ये किताबें उपलब्ध कराई थीं। इतना ही नहीं, नईम वर्ष 2025 में भोपाल आकर फराज के घर रुका भी था, जहाँ से इन गतिविधियों को संचालित किया जा रहा था।
⛓️ चार आरोपितों की गिरफ्तारी: एटीएस का बड़ा प्रहार
जून माह में की गई अपनी कार्रवाई में, एटीएस ने चार प्रमुख आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इनमें भोपाल का फराज, सहारनपुर का नईम, अलवर (राजस्थान) का शाकिर मेव और मधुबनी (बिहार) का इजहार उल हक शामिल हैं। जांच में सामने आया कि ये सभी आरोपित एक ही पाकिस्तानी हैंडलर के सीधे संपर्क में थे और उसी के निर्देशों पर देश-विरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। सभी आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।
📱 सिमी और PFI से संबंध: बचने के लिए बदलते थे सिम कार्ड
मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह का जुड़ाव प्रतिबंधित संगठनों 'सिमी' (SIMI) और 'पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया' (PFI) के सदस्यों के साथ पाया गया है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इन संदिग्धों ने अपनी पहचान छिपाने और पकड़े जाने से बचने के लिए बड़ी संख्या में सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। नईम के पास से 10 से अधिक, जबकि फराज और इजहार उल हक के पास से भी पांच से छह मोबाइल नंबर बरामद हुए हैं। जांच एजेंसियां इस बात की पुष्टि करने में जुटी हैं कि इन नंबरों का उपयोग किन-किन अवैध गतिविधियों में किया गया था।
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