बुरहानपुर के किसानों को इन्वेस्टर समिट से उम्मीदें, कपास व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा देने की मांग

बुरहानपुर:- जिले के किसानों को उज्जैन में होने वाली इन्वेस्टर समिट से काफी उम्मीदें हैं। किसानों की मांग है कि जिले में पहले से संचालित कपास व्यापार को बढ़ावा मिले और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा कपड़ा एवं जिनिंग फैक्ट्रियों पर लगाए गए टैक्स को हटाया जाए। किसानों का कहना है कि भारी टैक्सेशन के कारण बुरहानपुर के जिनिंग और कपड़ा उद्योगपति पलायन कर रहे हैं, जिससे जिले की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।
किसानों के साथ-साथ जिले के युवा भी इस समिट से नई उम्मीदें लगाए बैठे हैं। स्थानीय युवाओं का कहना है कि बुरहानपुर में निवेश के माध्यम से नए उद्योग स्थापित किए जाएं, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें। वर्तमान में जिले के कई युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में अन्य शहरों का रुख कर चुके हैं। यदि बुरहानपुर में ही उद्योगों का विस्तार किया जाए, तो वे अपने ही शहर में कार्य कर सकते हैं।
इसके अलावा, किसानों की यह भी मांग है कि उन्हें खाद, बीज और नई कृषि दवाओं पर छूट मिले, जिससे खेती की लागत कम हो और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। किसानों का मानना है कि चाहे उद्योग हों या अन्य व्यवसाय, सभी का आधार कृषि ही है, इसलिए सरकार को किसानों के हित में नीतियां बनानी चाहिए।
गौरतलब है कि बुरहानपुर जिला पहले कपास व्यापार के लिए जाना जाता था। मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र से भी बड़ी मात्रा में कपास बुरहानपुर आती थी। लेकिन, सरकार की गलत टैक्स नीतियों के कारण जिनिंग और कपड़ा उद्योग से जुड़े व्यवसायी बुरहान
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