अवैध संबंधों के चक्कर में रची गई थी खौफनाक साजिश, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

विदिशा के बहुचर्चित सौरभ जैन हत्याकांड में कोर्ट ने पत्नी और उसके प्रेमी समेत 5 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जानिए क्या है पूरा मामला।

Aug 01, 2026 - 17:12
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अवैध संबंधों के चक्कर में रची गई थी खौफनाक साजिश, कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला

इंदौर : आज से लगभग तीन साल पहले विदिशा के सुनसान कोलुआ जंगल में हुए सौरभ जैन के चर्चित और खौफनाक हत्याकांड़ के मामले में गंजबासौदा स्थित द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और हत्या की इस साजिश में शामिल अन्य 3 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। इसके अलावा, मृतक के साले को फर्जी मृत्यु प्रमाण-पत्र और अन्य कूट रचित दस्तावेज तैयार करने के गंभीर मामले में 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है।

💔 प्रेमी के साथ मिलकर रची गई थी पति की हत्या की खौफनाक साजिश

अभियोजन पक्ष अदालत के सामने यह साबित करने में पूरी तरह सफल रहा कि मृतक सौरभ जैन की पत्नी ऋचा जैन ने अपने प्रेमी दीपेश भार्गव के साथ मिलकर अपने ही पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी।

पुलिस और अभियोजन के अनुसार, इस खौफनाक साजिश में शामिल अन्य आरोपियों को पैसों का बड़ा लालच देकर इस वारदात में शामिल किया गया था। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मृतक के शव की पहचान को पूरी तरह से छिपाने और इस अंधे कत्ल के मामले को हमेशा के लिए दबाने का नायाब और असफल प्रयास भी किया था।

🌲 शमशाबाद के कोलुआ जंगल में मिला था अज्ञात अवस्था में शव

इस सनसनीखेज मामले के विवरण के अनुसार, 20 फरवरी 2023 को शमशाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोलुआ के घने जंगल में एक अज्ञात शव बरामद हुआ था।

इसके काफी समय बाद अगस्त 2023 में अशोकनगर जिले में दर्ज एक गुमशुदगी के मामले की गहन छानबीन के दौरान उस शव की शिनाख्त सौरभ जैन के रूप में हुई। पुलिस ने अपनी तकनीकी जांच के दौरान इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए पत्नी ऋचा जैन, उसके प्रेमी दीपेश भार्गव, मृतका के भाई अंशुल जैन तथा अन्य सहयोगियों की संलिप्तता का खुलासा किया था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी सौरभ जैन को एक सोची-समझी साजिश के तहत बहला-फुसलाकर सिरोंज क्षेत्र की ओर ले गए थे, जहाँ उसकी बेरहमी से हत्या करने के बाद शव को जंगल में फेंक दिया गया था।

⚖️ फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले साले को भी मिली कैद और जुर्माने की सजा

द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरप्रसाद बंशकार ने अपने इस महत्वपूर्ण निर्णय में ऋचा जैन, दीपेश भार्गव, राजा उर्फ प्रद्युम्न यादव, लखन जाटव तथा गुरु उर्फ गोलू मंसूरी को हत्या और आपराधिक षड्यंत्र रचने का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।

वहीं, मृतका के भाई अंशुल जैन को फर्जी दस्तावेज तैयार करने और दस्तावेजों की कूटरचना करने से जुड़े गंभीर आरोपों (धारा 467/120-बी और 471/120-बी) के तहत दोषी मानते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास और जुर्माने से दंडित किया गया है।

⚠️ न्यायालय ने परिवार और समाज के लिए ऐसे अपराधों को बताया बेहद चिंताजनक

अपने फैसले की सुदृढ़ टिप्पणी में माननीय न्यायालय ने बहुत ही सख्त लहजे में कहा कि, ''पारिवारिक रिश्तों में आपसी विश्वास और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का सबसे बड़ा महत्व होता है। लेकिन लालच, स्वार्थ और अवैध संबंधों के कारण अंजाम दिए जाने वाले इस तरह के जघन्य अपराध समूचे समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय हैं।''

न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा रखे गए तर्कों और साक्ष्यों से पूरी तरह सहमति जताते हुए सभी दोषियों को यह कड़ी सजा सुनाई। शासकीय अपर लोक अभियोजक डॉ. अखिलेश लाहौरी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अभियोजन पक्ष ने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीर प्रकृति का बताते हुए सभी दोषियों के लिए अधिकतम कठोर दंड दिए जाने का अनुरोध किया था, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।

🔍 इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र से जुड़ा एक अन्य हत्याकांड भी आया सामने

इस फैसले के साथ ही इंदौर की जिला अदालत से भी एक अन्य गंभीर मामले का फैसला सामने आया है, जहाँ एक अन्य पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की थी।

यह दूसरा मामला इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र का है। 22 अप्रैल 2023 को थाने में रुखसाना नाम की महिला ने पहुंचकर यह जानकारी दी थी कि उसका पति जावेद पिछले काफी दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता है। पुलिस ने उसकी सूचना पर गुमशुदगी का प्रकरण दर्ज कर मामले की गहराई से जांच शुरू की। पुलिस की छानबीन में यह बात खुलकर सामने आई कि जावेद की पत्नी रुखसाना का इलाके में ही रहने वाले सद्दाम नाम के शख्स के साथ अवैध संबंध चल रहा था।

पुलिस ने इसी संदेह के आधार पर सद्दाम, शकीरा और रुखसाना से अलग-अलग सख्ती से पूछताछ की, और जब आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाली गई, तो इस पूरे अंधे कत्ल की परतें एक-एक करके खुल गईं। विशेष लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह वास्केल ने अदालत में पुख्ता सबूत और वैज्ञानिक साक्ष्य मजबूती के साथ प्रस्तुत किए। इसके बाद अदालत ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले आरोपी सद्दाम, शकीरा और जावेद की पत्नी रुखसाना को भी दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की कठोर सजा से दंडित किया है।

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