अमेरिका को लगा बड़ा झटका, 10 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुँचा अमेरिकी पासपोर्ट
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 जारी कर दिया गया है। इस बार अमेरिका की रैंकिंग में गिरावट आई है, जबकि भारत 81वें स्थान पर है। जानिए पूरी रैंकिंग की डिटेल।
दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट की सही रैंकिंग बताने वाले प्रतिष्ठित 'हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026' (Henley Passport Index 2026) में इस बार अमेरिका को एक बड़ा झटका लगा है। इस नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी पासपोर्ट पिछले 10 वर्षों में अपनी सबसे निचली रैंकिंग पर लुढ़क गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि अब दुनिया के 30 से अधिक देशों के पासपोर्ट अमेरिका से भी आगे निकल चुके हैं। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अमेरिकी पासपोर्ट कमजोर हो गया है, बल्कि असल वजह यह है कि दुनिया के कई अन्य देशों ने अपने नागरिकों के लिए अधिक देशों में बिना वीजा (Visa-Free) या वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा के यात्रा करने की अनुमति हासिल कर ली है।
यदि हम अपने देश भारत की बात करें, तो हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 में भारत 81वें स्थान पर काबिज है। भारतीय पासपोर्ट रखने वाले नागरिक दुनिया के 55 देशों में बिना पहले से वीजा लिए आसानी से यात्रा कर सकते हैं। पिछले साल भारत इस सूची में 85वें स्थान पर था, लिहाज इस बार भारत की ग्लोबल रैंकिंग में थोड़ा सुधार जरूर हुआ है। हालांकि, वीजा-फ्री देशों की संख्या पिछले साल के 57 से घटकर इस बार 55 रह गई है। इसका मुख्य कारण कुछ चुनिंदा देशों द्वारा अपनी वीजा नीतियों में किए गए बदलाव हैं, न कि भारत के लिए नए देशों की सूची का कम होना।
🌐 दुनिया भर के 199 देशों के पासपोर्ट्स का किया जाता है आकलन
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स वैश्विक स्तर पर दुनिया की सबसे चर्चित और विश्वसनीय पासपोर्ट रैंकिंग्स में से एक मानी जाती है। इसमें कुल 199 देशों के पासपोर्ट और दुनिया भर के 227 यात्रा स्थलों (Destinations) का बारीकी से आकलन किया जाता है।
यह रैंकिंग मुख्य रूप से इस बात पर तय की जाती है कि किसी विशेष देश के नागरिक बिना पहले से वीजा लिए या फिर 'वीजा-ऑन-अराइवल' (Visa-on-Arrival) की सुविधा के साथ कितने देशों की यात्रा आसानी से कर सकते हैं।
📈 अमेरिका की रैंकिंग पिछड़ने और दूसरे देशों के आगे निकलने की असली वजह
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में कई देशों ने आपसी स्तर पर नए समझौते किए हैं और अन्य देशों के साथ अपने कूटनीतिक रिश्तों को और अधिक मजबूत किया है। इसी का परिणाम है कि उनके नागरिकों को अब दुनिया के ज्यादा देशों में वीजा-फ्री यात्रा करने की शानदार सुविधा मिल रही है।
इसी वजह से कई देश आज रैंकिंग में अमेरिका से आगे निकल गए हैं। अब अमेरिकी नागरिकों को भी पहले की तुलना में अधिक देशों की यात्रा करने के लिए पहले से वीजा या ट्रैवल ऑथराइजेशन लेना पड़ता है। स्पष्ट है कि यह इंडेक्स किसी देश की आर्थिक ताकत या उसके राजनीतिक प्रभाव को नहीं, बल्कि केवल नागरिकों के पास उपलब्ध 'यात्रा की आजादी' (Travel Freedom) को दर्शाता है।
🇸🇬 सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया में सबसे ताकतवर, शीर्ष पर कौन-कौन?
इस साल भी सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया में सबसे ताकतवर पासपोर्ट बना हुआ है। इसके अलावा जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर काबिज हैं, जबकि स्वीडन इस सूची में तीसरे स्थान पर है।
इसके साथ ही बेल्जियम, डेनिमार्क, फिनलैंड, जर्मनी, आयरलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, नॉर्वे और स्पेन जैसे देश भी दुनिया के सबसे मजबूत पासपोर्ट वाले देशों की फेहरिस्त में शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, कनाडा, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया और ग्रीस जैसे देश भी अपनी मजबूत स्थिति के साथ टॉप-10 देशों में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2026 यह साफ तौर पर दर्शाता है कि आज के आधुनिक समय में किसी देश के नागरिकों को कितने देशों में बेरोक-टोक यात्रा करने की सुविधा मिलती है, यह उसकी वैश्विक पहुंच (Global Reach) का सबसे बड़ा पैमाना बन चुका है। अमेरिका का पासपोर्ट आज भी दुनिया के मजबूत पासपोर्ट्स में शुमार है, लेकिन अन्य देशों ने वीजा-फ्री यात्रा को बढ़ावा देने के मामले में उससे अधिक तेजी से प्रगति की है।
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