इंदौर में Z-शेप रेलवे ओवरब्रिज की डिज़ाइन में होगा बदलाव, PWD और IIT मिलकर सुलझाएंगे विवाद
इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के Z-शेप डिज़ाइन विवाद के बाद काम रुक गया है। अब PWD, IIT इंदौर की मदद से नए डिज़ाइन को अंतिम रूप दे रहा है।
इंदौर। अपनी गलत डिज़ाइन को लेकर विवादों में घिरे इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर माल गोदाम रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का निर्माण कार्य फिलहाल पूरी तरह से बंद पड़ा है. लोक निर्माण विभाग (PWD) अब इस ब्रिज की विवादास्पद डिज़ाइन में आवश्यक बदलाव करने की कवायद में जुट गया है. इसे लेकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन भोपाल स्थित मुख्यालय से अभी तक संशोधित डिज़ाइन को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी है. इस बीच, पीडब्ल्यूडी विभाग ने डिज़ाइन की तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए आईआईटी इंदौर (IIT Indore) के विशेषज्ञ इंजीनियरों की मदद ली है. वर्तमान में इस आरओबी की संशोधित डिज़ाइन को फाइनल किया जा रहा है, जिसके बाद ही निर्माण एजेंसी दोबारा काम शुरू कर पाएगी.
📐 2. 1028 मीटर लंबे ब्रिज में आ रहे थे खतरनाक टर्न: जानें क्या है असली विवाद
उल्लेखनीय है कि भागीरथपुरा और एमआर-4 (MR-4) को आपस में जोड़ने के लिए बनाए जा रहे इस रेलवे ओवरब्रिज (ROB) की डिज़ाइन को लेकर बीते साल (2025 में) तीखा विवाद खड़ा हो गया था. करीब 1028 मीटर लंबे और 12 मीटर चौड़े इस ओवरब्रिज का निर्माण रेलवे और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की संयुक्त देखरेख में किया जा रहा है.
विशेषज्ञों की प्रमुख चिंता: पुल के मूल प्रस्तावित ढांचे में दो अलग-अलग स्थानों पर लगभग 90 डिग्री के बेहद तीखे मोड़ (Sharp Turns) दिए गए थे. जब यह बात सामने आई तो यातायात और सिविल इंजीनियरिंग विशेषज्ञों ने सुरक्षा के लिहाज से इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई और दुर्घटनाओं की आशंका जाहिर की.
🚗 3. 'Z' शेप डिज़ाइन से हादसे और जाम का बढ़ा खतरा: भारी वाहनों के मुड़ने में थी बड़ी अड़चन
यह ओवरब्रिज अंग्रेजी के 'Z' आकार (Z-Shape) में डिज़ाइन किया गया है, जिसकी तीन अलग-अलग भुजाएं क्रमशः पोलो ग्राउंड, लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन और भागीरथपुरा की ओर जाती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि 90 डिग्री के इतने तीखे मोड़ों पर शहर की भारी ट्रैफिक व्यवस्था, विशेषकर बसों और ट्रकों जैसे लंबे व भारी वाहनों को मोड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा होगा. इससे न केवल वाहनों के आपस में टकराने और गंभीर सड़क हादसे होने का खतरा बना रहेगा, बल्कि व्यस्त समय में यहां रोजाना किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लगने की स्थिति भी पैदा हो जाएगी.
🏛️ 4. PWD का दावा - डिजाइन आईआरसी मानकों के अनुरूप: तकनीकी समीक्षा पर टिकी सबकी नज़र
हालांकि, पुल के डिज़ाइन को लेकर शहर में मचे बवाल के बीच लोक निर्माण विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने शुरुआत में नक्शे में किसी भी तरह की खामी होने से साफ इनकार किया था. अधिकारियों का तर्क था कि पुल पर बनाए गए मोड़ पूरी तरह से घुमावदार (Curved) हैं और इन्हें भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के निर्धारित दिशा-निर्देशों और मानकों के अनुरूप ही तैयार किया गया था. फिलहाल, इस महत्वाकांक्षी पुल की डिज़ाइन को लेकर तकनीकी बहस लगातार जारी है और अब सभी की नजरें आईआईटी इंदौर की तकनीकी समीक्षा रिपोर्ट तथा विभाग द्वारा लिए जाने वाले अंतिम निर्णय पर टिकी हुई हैं.
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