ब्लैक सी में कमर्शियल जहाजों पर बढ़ा खतरा, भारत ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट पर भारतीय नागरिकों को ले जा रहे कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ है। स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने ब्लैक सी में काम करने वाले नाविकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
यूक्रेन के ओडेसा पोर्ट पर चार भारतीय नागरिकों को ले जा रहे एक कमर्शियल जहाज पर भीषण हमला हुआ है। कीव में स्थित भारतीय दूतावास के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस जहाज पर सवार दो क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित हैं, जबकि बाकी दो सदस्यों के बारे में अभी आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। दूतावास के मुताबिक, यह घटना शनिवार को तब घटी जब 'MV AGN Ragnar' नामक जहाज ओडेसा पोर्ट पर मौजूद था। बता दें कि ओडेसा पोर्ट यूक्रेन के सबसे महत्वपूर्ण ब्लैक सी (काला सागर) पोर्ट्स में से एक है, जिस पर 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष की शुरुआत के बाद से लगातार हमले होते रहे हैं। भारतीय मिशन ने कहा है कि वह इस पूरी स्थिति पर बेहद बारीकी से नजर बनाए हुए है।
यह ताजा घटना ओडेसा पोर्ट पर हुए एक अन्य रूसी हमले के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिसमें पहले भी भारतीय नाविकों के प्रभावित होने की खबरें आई थीं। उस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए रूस के सबसे वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया था और अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
⚠️ भारत सरकार ने ब्लैक सी के लिए जारी की सख्त एडवाइजरी
यह हमला ऐसे संवेदनशील समय में हुआ है जब भारत ने ब्लैक सी (काला सागर) क्षेत्र में जहाजों पर काम करने वाले सभी भारतीय नागरिकों और नाविकों के लिए एक नई एडवाइजरी जारी की है। इस चेतावनी में कहा गया है, “इन इलाकों में चलने वाले या यहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरों का सामना करना पड़ रहा है, जिनमें मिसाइल और ड्रोन हमले भी प्रमुख रूप से शामिल हैं।”
विदेश मंत्रालय के एक बयान में स्पष्ट किया गया है कि, “बीते अप्रैल महीने से लेकर अब तक कमर्शियल जहाजों पर इस तरह के हमलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, और इन घटनाओं में अब तक कई भारतीयों की जान जा चुकी है।”
🛡️ नाविकों और कंपनियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश
सरकार की ओर से जारी सलाह में कहा गया है कि जो भी नाविक या पेशेवर इस खतरनाक युद्ध क्षेत्र में काम करना जारी रखना चाहते हैं, उन्हें अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए और सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाने चाहिए। इसमें नियोक्ताओं, भर्ती एजेंसियों और जहाज ऑपरेटरों से निम्नलिखित विषयों पर पूरी जानकारी लेना अनिवार्य किया गया है:
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जहाज का सटीक रूट और जिन-जिन बंदरगाहों पर जहाज को रुकना है।
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पोत पर मौजूद सुरक्षा इंतजामों और बीमा कवरेज (Insurance Coverage) की स्थिति।
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किसी भी आपातकालीन (Emergency) स्थिति से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की पूरी जानकारी।
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