अघोषित बिजली कटौती पर लगेगा विराम, महापौर ने दिए सख्त निर्देश
इंदौर:- शहर में जारी अघोषित बिजली कटौती की समस्या पर अब विराम लगने की उम्मीद है। शुक्रवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में नगर निगम और मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी (पश्चिम क्षेत्र) के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक रेसीडेंसी कोठी में आयोजित की गई। इस बैठक में नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा, एमपीईबी के प्रबंध संचालक सहित दोनों विभागों के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य शहरवासियों को मिल रही अनियमित बिजली आपूर्ति से राहत दिलाना और आगामी मानसून से पहले सभी आवश्यक मेंटेनेंस कार्यों को समय रहते पूरा करना रहा।
महापौर ने निर्देश दिए
मेंटेनेंस कार्य मानसून से पहले पूर्ण किए जाएं ताकि बारिश के दौरान बिजली कटौती न हो।
बिजली कटौती की पूर्व सूचना आम नागरिकों को दी जाए, जिससे कार्य और दिनचर्या पर असर न पड़े, खासकर वर्क फ्रॉम होम करने वालों पर।
स्ट्रीट लाइट्स और बिजली खंभों पर भी कार्रवाई
बैठक में यह जानकारी दी गई कि 24 घंटे जल रही करीब 20,000 स्ट्रीट लाइट्स में से 14,000 को बंद किया जा चुका है। शेष 6,000 लाइटों को भी चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। वहीं, शहर की सड़कों पर लगे अव्यवस्थित और अनुपयोगी बिजली खंभों को हटाने तथा यातायात में बाधा पहुंचा रहे अवरोधों को समाप्त करने के निर्देश भी महापौर ने दिए।
चार्जिंग स्टेशन और मॉडल रोड पर भी योजना
बढ़ते शहरी विस्तार को देखते हुए महापौर ने बड़े एक्सटेंशन क्षेत्रों में कचरा वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन हेतु तत्काल बिजली कनेक्शन देने के निर्देश दिए। साथ ही, शहर की किसी एक प्रमुख सड़क को अंडरग्राउंड बिजली लाइन के ज़रिए "मॉडल रोड" के रूप में विकसित करने की योजना पर भी चर्चा की गई।
महापौर ने अंत में नगर निगम और एमपीईबी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की अपील की और यह सुनिश्चित करने को कहा कि मानसून से पहले न तो कोई अघोषित बिजली कटौती हो और न ही मेंटेनेंस कार्य अधूरा रहे।
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