वार्ड 24 के पार्षद जीतू यादव का इस्तीफा नामंजूर, भाजपा ने किया 6 साल के लिए निष्कासित

इंदौर:- वार्ड क्रमांक 24 के पार्षद और एमआईसी सदस्य जीतू यादव का इस्तीफा भाजपा ने नामंजूर कर दिया है। हालांकि, इस्तीफे के कुछ घंटों बाद ही पार्टी ने उन्हें 6 साल के लिए भाजपा से निष्कासित कर दिया।
शनिवार सुबह जीतू यादव ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को पत्र लिखकर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और एमआईसी पद से इस्तीफा दिया था। लेकिन, पार्टी नेतृत्व ने 7 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की।
पार्टी की छवि पर उठे सवाल
जीतू यादव का अपने ही पार्टी के पार्षद से विवाद और उसके बाद किए गए अशोभनीय कृत्य ने भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचाया। इस घटना को अनुशासनहीनता के दायरे में रखा गया।
पार्टी ने काफी समय तक चुप्पी साधे रखी, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा मामले पर संज्ञान लेने के बाद भाजपा ने साहस दिखाते हुए कार्रवाई की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने जीतू यादव को पार्टी से निष्कासित करते हुए कहा कि उनका व्यवहार पार्टी की गरिमा के खिलाफ था।
भाजपा ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी अनुशासनहीनता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है। जीतू यादव का निष्कासन इस बात का उदाहरण है कि पार्टी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करती।
निष्कासन का आदेश
वार्ड नंबर 24 के पार्षद श्री जितेन्द्र कुमार (जीतु यादव) को अनुशासनहीनता के चलते पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 6 साल के लिए निष्कासित किया जाता है।
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