मेहर सड़क दुर्घटना में पत्रकार की मौत, लाखों की वसूली के बावजूद जर्जर रोड बन रहा दुर्घटनाओं का कारण
सड़क हादसे में पत्रकार की मौत

नेशनल हाइवे बना काल. प्रशासन और अधिकारियों की लापरवाही से गई एक पत्रकार की जान
मेहर अंमदरा थाना क्षेत्र के तिघरा मोड के पास नेशनल हाइवे पर तेज रफ्तार का कहर जारी है। हाल ही में एक वरिष्ठ पत्रकार, जो अपने कार्य से कही जा रहे थे,उनको तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। यह हादसा न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि सरकारी तंत्र और अधिकारियों की लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है।
लाखों की वसूली के बावजूद रोड जर्जर
मैहर जिले के अंतर्गत आने वाले इस नेशनल हाइवे से प्रतिदिन करीब 50 लाख रुपये से अधिक की वसूली होती है। बावजूद इसके, सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने में NHAI (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) तथा जिला प्रशासन विफल साबित हो रहे हैं। सड़क की स्थिति जर्जर है और वाहनों की रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं।
यहाँ भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हैं कि अधिकारियों और नेताओं की जेबें भले ही भर रही हों, लेकिन आम जनता और निर्दोष लोग इसके शिकार हो रहे हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग की लापरवाही ने कई परिवारों को बर्बाद किया है। समस्या यह है कि जब भी ऐसे मामले सामने आते हैं, तो शासन-प्रशासन संगठित होकर जनता की आवाज़ को दबाने की कोशिश करता है, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिल पाना मुश्किल हो जाता है।
यह घटना एक स्पष्ट संदेश देती है कि सड़क सुरक्षा को लेकर केवल कागजी कार्यवाही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार आवश्यक हैं। प्रशासन और NHAI को इस हादसे की जिम्मेदारी लेकर, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और ऐसे हादसे फिर से न हो।
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