इंदौर आई बस टिकट में इलेक्ट्रिक टिकट मशीन से हेरा फेरी कर डेढ़ करोड़ का घोटाला
डेढ़ करोड़ का घोटाला

इंदौर आई बस में 1.5 करोड़ का टिकट घोटाला,डेढ़ साल से जारी थी हेराफेरी, इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन से हुआ करोड़ों का घोटाला, दो कर्मी बर्खास्त
इंदौर (मनोज कुमार ) बीआरटीएस कॉरिडोर में संचालित आई बस सेवा में करीब 1.50 करोड़ रुपये का टिकट घोटाला सामने आया है। इस मामले में दो कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि कुछ को दूसरी जगहों पर स्थानांतरित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घोटाले की जांच जारी है, और संभावना है कि इसमें और भी बड़े घोटाले का खुलासा हो सकता है।
डेढ़ साल से चल रही थी हेरा फेरी
सूत्रों के अनुसार, यह घोटाला पिछले डेढ़ साल से चल रहा था, और अब तक किसी पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। घोटाला टिकट बिक्री के दौरान शुरू हुआ, जब ऑनलाइन टिकटिंग सिस्टम को बंद कर दिया गया और हाथ से संचालित इलेक्ट्रॉनिक टिकट मशीन (ईटीएम) का उपयोग किया गया। इन मशीनों में टिकट की संख्या दर्ज की जाती थी, और शाम को संबंधित कर्मचारी एआईसीटीएसएल के दफ्तर में मशीन का डेटा दर्ज करवाते थे।
सुपरवाइजर और कंप्यूटर ऑपरेटर की मिली भगत
घोटाले में सुपरवाइजर और कंप्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत का भी संदेह है। कर्मचारी इन मशीनों में दर्ज टिकट संख्या और राशि में हेराफेरी कर कंपनी के रिकॉर्ड में कम संख्या दिखाते थे। इसके बाद मशीन का डेटा डिलीट कर दिया जाता था, और स्टेशन पर तैनात कर्मचारी से लेकर एआईसीटीएसएल मुख्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों तक इस रकम की बंदरबांट करते थे।
गोपीनीय शिकायत मिलने के बाद की गई जांच
इस दौरान, शहर में रोजाना लगभग 59 आई बसें संचालित होती हैं, जिनमें 50,000 से 55,000 यात्री यात्रा करते हैं। गोपनीय शिकायत मिलने पर नगर निगम के अपर आयुक्त और सिटी बस कंपनी के प्रभारी अधिकारी ने प्रारंभिक जांच की। पूछताछ के दौरान घोटाले में शामिल एक कर्मचारी ने धांधली की बात स्वीकार की। इसके बाद नगर निगम ने दो कर्मचारियों को बर्खास्त करने और कुछ अन्य कर्मचारियों का स्थानांतरण करने का आदेश जारी किया है ।
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