विदिशा: नालों की सफाई सिर्फ कागजों पर? जलभराव से डूबे शहर के व्यस्त मार्ग, सड़क के गड्ढे बने मुसीबत
विदिशा में प्री-मानसून बारिश से बदहाल स्थिति। बरईपुरा सहित 12 वार्डों में जलभराव, ड्रेनेज ठप होने से सड़कों पर नाली का गंदा पानी। जानिए क्या है प्रशासन का जवाब।
विदिशा। शहर में रविवार शाम महज 5 से 10 मिनट की तेज प्री-मानसून बारिश ने ही नगर पालिका के दावों की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। शहर का सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाला क्षेत्र 'बरईपुरा' चंद मिनटों की बारिश में ही जलमग्न हो गया। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ठप होने के कारण नालियों का बदबूदार पानी ओवरफ्लो होकर मुख्य सड़कों पर बहने लगा, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
🚧 12 वार्डों में मुसीबत, नालों में कचरे का अंबार
विदिशा के 39 वार्डों में से बरईपुरा, रीठा फाटक, रंगीयापुरा और मोहनगिरी सहित करीब 12 वार्ड हर साल जलभराव की गंभीर चपेट में आते हैं। दो साल पहले यहाँ करीब 9 हजार लोग प्रभावित हुए थे, जिसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने इस बार समय रहते नालों की मुकम्मल सफाई नहीं कराई। आज नालों में कचरा और गाद इस कदर भरा हुआ है कि पानी की निकासी पूरी तरह रुक गई है।
⚠️ जानलेवा बने सड़क के गड्ढे
बरईपुरा चौराहे पर घुटनों तक भरे गंदे पानी ने सड़क के गहरे गड्ढों को पूरी तरह छिपा दिया है। शाम से ही कई दुपहिया वाहन चालक इन अदृश्य गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। पानी दुकानों के भीतर घुसने के कारण व्यापारियों का धंधा भी प्रभावित हुआ है। स्थानीय निवासी और विद्यार्थी सड़क पर भरे पानी के कारण आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, जिससे उनमें नगर पालिका और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा रोष व्याप्त है।
🗣️ प्रशासन का जवाब: जल्द शुरू होगा सफाई का काम
विदिशा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) दुर्गेश सिंह ने बताया, "शहर के कुछ हिस्सों में सफाई कर दी गई है और 3 बड़े नालों के लिए मशीनों से काम चल रहा है। नाले चोक होने का एक बड़ा कारण नालों पर अवैध अतिक्रमण भी है, जिसे हटाने की कार्रवाई की जा रही है।" उन्होंने स्वीकार किया कि बरईपुरा इलाके में सफाई का काम अभी शेष है, जिसे शीघ्र शुरू किया जाएगा। सफाई व्यवस्था के लिए 13-13 लोगों की तीन टीमें बनाई गई हैं जो पूरे शहर में काम करेंगी।
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