जबलपुर: 37 करोड़ का डामर घोटाला, EOW की जांच में खुलासा

जबलपुर :- मध्यप्रदेश में 37 करोड़ रुपए के डामर घोटाले का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की जांच में खुलासा हुआ है कि जबलपुर विकास प्राधिकरण से जुड़े पांच ठेकेदारों ने विभिन्न कंपनियों के फर्जी बिल लगाकर 37 करोड़ रुपए का भुगतान हासिल किया। इस मामले में EOW ने पांचों ठेकेदारों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
फर्जी बिलों से किया गया घोटाला
जांच में सामने आया है कि ठेकेदारों ने इंडियन ऑयल समेत कई अन्य कंपनियों के नाम से फर्जी बिल बनाए। इन बिलों का इस्तेमाल दो दर्जन से ज्यादा सड़कों के निर्माण पैकेज में किया गया। बताया गया कि 100 से अधिक फर्जी इनवॉइस डामर की आपूर्ति के लिए लगाए गए थे।
PWD की शिकायत पर हुआ खुलासा
2023 में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस मामले की शिकायत EOW से की थी। EOW ने मामले की जांच करते हुए बिलों का सत्यापन कराया, जिसमें सभी बिल फर्जी पाए गए। ठेकेदारों ने जबलपुर और मंडला में MPRDC के तहत सड़क निर्माण कार्य किया था और इसके भुगतान के लिए फर्जी बिलों का सहारा लिया।
EOW अधिकारियों के अनुसार, इस घोटाले में शासन को लगभग 37 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ठेकेदारों ने साजिश के तहत फर्जी बिल बनाकर शासन को चूना लगाया।
EOW ने पांचों ठेकेदारों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारी ने बताया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।
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