भोजशाला में बसंतोत्सव के दौरान नियमित सत्याग्रह, हिंदू समाज ने की मां वाग्देवी की आराधना

धार:- ऐतिहासिक भोजशाला में चल रहे चार दिवसीय बसंतोत्सव के दौरान मंगलवार को नियमित सत्याग्रह किया गया। हिंदू समाज भोजशाला की मुक्ति और उसके गौरव की पुनर्स्थापना के लिए 4 फरवरी 1991 से प्रति मंगलवार सत्याग्रह कर रहा है। इस दौरान हनुमान चालीसा का पाठ और मां वाग्देवी सरस्वती की आराधना की जाती है। मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोजशाला पहुंचे और सत्याग्रह में भाग लिया।
भोजशाला पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों का दावा है। शासन की व्यवस्था के अनुसार, प्रति मंगलवार हिंदू समाज यहां हनुमान चालीसा पाठ, मां वाग्देवी सरस्वती की पूजा, आराधना और भजन-कीर्तन करता है। वहीं, प्रति शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मुस्लिम समाज जुमे की नमाज अदा करता है।
विवाद तब बढ़ता है जब बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन पड़ते हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सुरक्षा को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती है। इस दौरान पूरा शहर पुलिस छावनी में तब्दील हो जाता है। भोजशाला की देखरेख और संरक्षण भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) करता है।
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से इंदौर हाई कोर्ट खंडपीठ में एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें भोजशाला पर हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार देने की मांग की गई थी। हाई कोर्ट के आदेश के बाद, 2024 में लगभग 98 दिनों तक पुरातात्विक और वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया गया। इसके बाद एएसआई (ASI) ने सर्वेक्षण रिपोर्ट हाई कोर्ट में प्रस्तुत कर दी है। अब इस मामले में न्यायालय के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।
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