महाकुंभ भगदड़ के बाद प्रशासन ने बदली व्यवस्था, प्रयागराज में वाहनों की एंट्री पर रोक

प्रयागराज:- महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और संगम तट पर मंगलवार देर रात मची भगदड़ के बाद प्रशासन ने व्यवस्था में अहम बदलाव किए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रयागराज में प्रवेश करने वाले आठ प्रमुख बॉर्डर पॉइंट बंद कर दिए गए हैं। साथ ही, मेला क्षेत्र को पूरी तरह नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है, जिससे किसी भी वाहन को मेले में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
प्रयागराज के 8 बॉर्डर पॉइंट किए गए सील
प्रशासन ने मेला क्षेत्र में बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रयागराज में प्रवेश करने वाले भदोही, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, मिजापुर और रीवा बॉर्डर को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इससे कई जगहों पर भारी जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
भदोही बॉर्डर: वाराणसी की ओर से आने वाले रास्ते पर 20 किमी लंबा जाम लग गया है।
चित्रकूट बॉर्डर: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण 10 किमी लंबा जाम लगा हुआ है।
कौशांबी बॉर्डर: यहां सड़क से पार्किंग तक 50 हजार से अधिक वाहन रोके गए हैं।
फतेहपुर-कानपुर बॉर्डर: यहां भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
प्रतापगढ़ बॉर्डर: प्रशासन ने 40 हजार से अधिक वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया है।
जौनपुर बॉर्डर: बदलापुर में पुलिस ने प्रयागराज जाने वाली सभी बसों को रोक दिया है।
मिजापुर बॉर्डर: यहां भी गाड़ियों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं।
रीवा बॉर्डर: इस मार्ग पर भी 50 हजार से ज्यादा वाहनों को रोका गया है।
नो-व्हीकल जोन और वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मेला क्षेत्र को पूरी तरह से नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। प्रशासन ने सभी व्हीकल पास रद्द कर दिए हैं, जिससे अब कोई भी वाहन मेला क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया गया है। एक मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं को स्नान के बाद दूसरे रास्ते से बाहर निकाला जा रहा है, ताकि भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित किया जा सके।
इसके अलावा, शहर में चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह व्यवस्था 14 फरवरी तक लागू रहेगी।
प्रशासन के अनुसार, संगम समेत 44 घाटों पर बुधवार देर रात तक 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का अनुमान है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर 60 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को शहर भर में तैनात किया गया है।
भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी कर रहा है। संगम और अन्य प्रमुख स्नान घाटों पर पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार तैनात हैं। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से अनावश्यक यात्रा से बचने और ट्रैफिक निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है।
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