संत शिरोमणि श्री नरहरि महाराज की पुण्यतिथि पर कथा और प्रसाद वितरण

स्थानीय सत्यनारायण मंदिर में शनिवार को संत शिरोमणि श्री नरहरि महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर अहीर स्वर्णकार समाज द्वारा कथा और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर और महैतगांव के समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मनोज पिंगले ने संत नरहरि महाराज के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म महाराष्ट्र के देवगिरि में 1115 ईस्वी में श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को हुआ था। वे वारकरी संप्रदाय से संबंध रखते थे और शिव तथा विट्ठल श्रीहरि को एकाकार रूप में पूजते थे। शिवपंथी होते हुए भी उन्होंने विट्ठल भक्ति में कई अभंगों की रचना की। वे सोनार समाज के पितृ पुरुष माने जाते हैं, और समाज के हर घर में उनकी पूजा की जाती है।
पुण्यतिथि के अवसर पर उनकी पोथी पूजन और श्री सत्यनारायण कथा का आयोजन किया गया, जिसके उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन की जिम्मेदारी अहीर स्वर्णकार समाज के पदाधिकारियों, समाज कार्यकारिणी तथा महिला कार्यकारिणी ने संभाली।
इस दौरान समाज अध्यक्ष रविंद्र वानखेड़े, उपाध्यक्ष मनोज अहिरराव, गणेश विसपुते, सतीश विसपुते, सचिव पंकज दुसाने, कोषाध्यक्ष प्रकाश विसपुते और सहसचिव संतोष भामरे सहित समाज के अन्य सदस्यों ने संत श्री नरहरि महाराज को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अंत में संरक्षक सुनील वानखेड़े ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
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