करोड़ों के राजस्व घोटाले से हड़कंप; 2019-2023 के बीच हुई हेराफेरी, पुलिस ने दर्ज किया मामला
नर्मदापुरम नगरपालिका में 7.78 करोड़ रुपये का राजस्व घोटाला। रसीदों में हेराफेरी के आरोप में एआरआई हरीश गोस्वामी और कंप्यूटर ऑपरेटर भुवन मेहता पर केस दर्ज।
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम नगरपालिका में वित्तीय वर्ष 2019 से 2023 के बीच हुए 7 करोड़ 78 लाख रुपये के राजस्व घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले में पुलिस ने नगरपालिका के राजस्व विभाग के सहायक राजस्व निरीक्षक (ARI) हरीश गोस्वामी और कंप्यूटर ऑपरेटर भुवन मेहता के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने राजस्व वसूली की रसीदों में हेरफेर कर बड़ी धनराशि का गबन किया है।
📊 कैसे हुआ घोटाले का खुलासा?
घोटाले की जड़ें साल 2025 में तब गहरी हुईं जब नगरपालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा और स्थानीय निवासी दीपेश गौर ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई। विधानसभा में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद गठित उच्च स्तरीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में 7.78 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की पुष्टि की। जांच में सामने आया कि आरोपी रसीदों में दिखाई गई वास्तविक राशि को बदलकर उसे बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते थे और बीच की शेष राशि का गबन कर लेते थे।
⚖️ पुलिस की कार्रवाई और धाराओं का विवरण
कोतवाली थाना प्रभारी गौरव सिंह बुंदेला ने बताया कि प्राप्त साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी हरीश गोस्वामी और भुवन मेहता के खिलाफ आईपीसी (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 408 (कर्मचारी द्वारा आपराधिक विश्वासघात) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई विस्तृत कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है और मामले में संलिप्त अन्य संभावित पहलुओं की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
⚠️ प्रशासन की सक्रियता
इस गबन ने स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने लंबे समय तक चल रहे राजस्व घोटाले ने अब सतर्कता विभाग और ऑडिटिंग सिस्टम की खामियों को भी उजागर किया है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके और सरकारी धन की वसूली सुनिश्चित की जा सके।
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