हजारेश्वर मेले में कलेक्टर शीला दाहिमा की लाइव प्रस्तुति; सुरीली आवाज सुन मंत्रमुग्ध हुए शहरवासी
श्योपुर के हजारेश्वर महादेव मेले में सावन सांस्कृतिक संध्या के दौरान कलेक्टर शीला दाहिमा ने अपनी सुरीली आवाज से समां बांध दिया। सोशल मीडिया पर वीडियो जमकर वायरल।
श्योपुर। श्योपुरवासियों ने जब पहली बार अपनी कलेक्टर का बेहद सुरीला और कलात्मक अंदाज देखा, तो पूरा पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। आमतौर पर प्रशासनिक कड़ाई के लिए जानी जाने वाली कलेक्टर शीला दाहिमा ने जब मंच से लाइव गायकी की प्रस्तुति दी, तो लोग एकटक उन्हें देखते और सुनते रह गए। उनकी आवाज का जादू ऐसा चला कि वहां मौजूद हर शख्स मंत्रमुग्ध हो गया। कार्यक्रम में उपस्थित आमजन से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक, हर कोई अपने मोबाइल में कलेक्टर के इस यादगार पल को रिकॉर्ड करने के लिए आतुर दिखा।
🎶 सावन संध्या में बिखरा सुरों का जादू: भाषण की जगह कलेक्टर ने गाए गीत, अवाक रह गए शहरवासी
यह दिलचस्प वाकया सोमवार रात शहर के ऐतिहासिक हजारेश्वर महादेव मेले में आयोजित 'सावन सांस्कृतिक संध्या' के दौरान सामने आया। इस कार्यक्रम में शहरवासी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अमला और कई नामचीन कलाकार मौजूद थे। अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियों के बाद जब कलेक्टर शीला दाहिमा को मंच पर आमंत्रित किया गया, तो लोगों को लगा कि वे कोई औपचारिक भाषण देंगी या बहुत फरमाइश होने पर दो लाइन गुनगुनाकर औपचारिकता पूरी कर देंगी। लेकिन जैसे ही कलेक्टर ने सुर छेड़ा, पूरा माहौल बदल गया और लोग अवाक रह गए।
🌧️ बारिश और प्रेम के सुरों का संगम: सोशल मीडिया पर जमकर हो रही है आईएएस की तारीफ
कलेक्टर शीला दाहिमा ने जब बारिश और प्यार के सुंदर शब्दों से पिरोया हुआ गीत सुनाया, तो पूरा पांडाल 'वाह-वाह' की ध्वनि से गुंजायमान हो गया। उनकी बेहतरीन गायकी और अद्भुत आत्मविश्वास ने इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में एक अलग ही रंग भर दिया। कार्यक्रम के बाद से ही कलेक्टर के गाने का यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से श्योपुरवासियों को पहली बार पता चला कि उनकी कलेक्टर न केवल प्रशासन में कुशल हैं, बल्कि साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी विशेष रुचि रखती हैं। इसके पूर्व भी वे अपनी अन्य तैनातियों के दौरान सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेती रही हैं।
🏛️ हजारेश्वर महादेव मेले की सांस्कृतिक पहचान: कला और प्रशासनिक दायित्वों का अनूठा उदाहरण
श्योपुर का हजारेश्वर महादेव मेला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। हर वर्ष यहां भव्य धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के लोक कला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होता है, जिसमें स्थानीय और बाहरी कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। इस वर्ष आयोजित 'सुरमई श्योपुर सावन संध्या' कार्यक्रम में कलेक्टर शीला दाहिमा की यह विशेष प्रस्तुति सबसे बड़ा आकर्षण बन गई। सोशल मीडिया पर लोग टिप्पणी कर रहे हैं कि इतनी व्यस्त और गंभीर प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच कला और संस्कृति के प्रति ऐसा जुड़ाव वास्तव में बेहद प्रेरणादायक है।
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