गढ़ाकोटा में 220वें रहस मेले का भव्य शुभारंभ
मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने की जनकल्याणकारी योजनाओं की घोषणा

सागर:- सागर जिले के गढ़ाकोटा में 220 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहे ऐतिहासिक रहस मेले का भव्य शुभारंभ गुरुवार को हुआ। इस अवसर पर भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन भी मौजूद रहे।
220 वर्षों से चली आ रही परंपरा
गढ़ाकोटा के स्थानीय शासक मर्दनसिंह जू देव के राज्यारोहण की स्मृति में आयोजित होने वाला यह मेला अंचल के सबसे पुराने मेलों में से एक है। इस वर्ष यह अपने 220वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। मेले को जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां आने वाले पात्र व्यक्तियों को शासकीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
रहस मेले के शुभारंभ अवसर पर मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अपने विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को विदेश में पीएचडी और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सरकार विशेष योजनाएं चला रही है, जिसके तहत उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
इसके साथ ही, मंत्री ने घोषणा की कि सागर में जल्द ही एक दिव्यांग पार्क स्थापित किया जाएगा, जिससे दिव्यांगजन अपनी आवश्यकताओं के अनुसार लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने कहा कि 0 से 5 वर्ष तक के ऐसे बच्चे जो सुन और बोल नहीं सकते, उनकी सर्जरी के लिए सरकार विशेष अभियान चला रही है, जिसमें लाखों रुपए का खर्च सरकार वहन कर रही है। अभी तक 6500 बच्चों की सफल सर्जरी कराई जा चुकी है।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने रहस मेले के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मेला जनता से सीधे सरोकार रखने वाला आयोजन है। उन्होंने बताया कि मेले में स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया है, जहां लोगों की नि:शुल्क जांच की जा रही है और दवाओं का वितरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मेले को और अधिक जनोपयोगी बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को एक छत के नीचे लाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, दिव्यांगजन को दी जाने वाली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल को अपग्रेड करने की भी योजना है।
रहस मेला न केवल एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, बल्कि इसे सामाजिक जागरूकता और लोकहितकारी योजनाओं का केंद्र भी बनाया गया है। हर साल यहां हजारों लोग न केवल मेला देखने आते हैं, बल्कि सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ भी प्राप्त करते हैं।
गढ़ाकोटा का यह ऐतिहासिक मेला आने वाले वर्षों में भी इसी तरह नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा।
What's Your Reaction?






