भोपाल में डिजिटल भीख मांगती नजर आई 14 साल की किशोरी, पास मिला QR कोड तो पुलिस भी रह गई दंग

भोपाल रेलवे स्टेशन पर जीआरपी के 'ऑपरेशन हमदर्द' के दौरान डिजिटल भीख मांगने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। किशोरी के पास QR कोड मिला, जिसके बाद पिता पर FIR दर्ज हुई है।

Jul 28, 2026 - 11:17
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भोपाल में डिजिटल भीख मांगती नजर आई 14 साल की किशोरी, पास मिला QR कोड तो पुलिस भी रह गई दंग

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मुख्य रेलवे स्टेशन पर राज्य जीआरपी (GRP) द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन हमदर्द' के दौरान भिक्षावृत्ति (भीख मांगने) के बदलते और आधुनिक स्वरूप का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। रेलवे स्टेशन पर भीख मांग रही 13 से 14 वर्ष की एक नाबालिग किशोरी के पास कुछ छुट्टे सिक्कों के साथ एक 'क्यूआर कोड' (QR Code) भी बरामद हुआ। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो पता चला कि वह केवल पारंपरिक तरीके से हाथ फैलाकर ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन डिजिटल भुगतान के जरिए भी यात्रियों से धड़ल्ले से भीख वसूल रही थी।

🚆 पिता ही ट्रेन में बैठाकर भेजता था अलग-अलग रेलवे रूटों पर

जीआरपी की गहन पूछताछ में उस नाबालिग किशोरी ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि उसके माता-पिता मध्य प्रदेश के इटारसी शहर में रहते हैं। पिछले करीब एक साल से उसका अपना पिता ही उसे ट्रेन में जबरन बैठाकर भोपाल सहित देश के अलग-अलग रेलवे रूटों पर भीख मांगने के लिए भेजता था। कभी वह भोपाल आने वाली पैसेंजर व एक्सप्रेस ट्रेनों में नजर आती थी, तो कभी नागपुर रूट की ट्रेनों में जाकर यात्रियों से भीख मांगती थी।

📱 पिता के मोबाइल नंबर से लिंक मिला क्यूआर कोड

जीआरपी थाना प्रभारी जहीर खान ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि किशोरी के पास जो क्यूआर कोड मिला है, वह किसी और का नहीं बल्कि उसके अपने पिता के मोबाइल नंबर से ही संचालित हो रहा था। इससे यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया कि पारंपरिक रूप से मिलने वाले नकद छुट्टे पैसों के साथ-साथ अब भीख मांगने के धंधे में भी आधुनिक डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल किया जाने लगा है। इस सनसनीखेज मामले ने अब प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान भिक्षावृत्ति के इस नए और संगठित तरीके की ओर आकर्षित किया है।

⚖️ सीडब्ल्यूसी की सख्त अनुशंसा पर आरोपी पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज

नाबालिग होने के कारण जीआरपी ने सबसे पहले उस बच्ची को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष सुरक्षित प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए समिति ने तत्काल प्रभाव से उसके पिता के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की अनुशंसा की।

इसके आधार पर जीआरपी ने 'जुवेनाइल जस्टिस एक्ट' (Juvenile Justice Act) की धारा-76 के तहत आरोपी पिता के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। इस कानूनी प्रावधान के मुताबिक, यदि कोई अभिभावक या वैध संरक्षक किसी बच्चे से भिक्षावृत्ति करवाता हुआ पाया जाता है, तो उसे अधिकतम पांच साल तक की कैद और एक लाख रुपये तक के भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।

🔍 रेलवे स्टेशनों पर सक्रिय बच्चों के बड़े नेटवर्क की होगी जांच

पुलिस की पूछताछ के दौरान हालांकि वह किशोरी यह साफ तौर पर नहीं बता सकी कि उसके जैसे और कितने बच्चे विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर इस तरह भीख मांगने का काम करते हैं। इसके बावजूद, जीआरपी अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह या नेटवर्क काम कर रहा है, जो मासूम बच्चों को अलग-अलग रेलवे स्टेशनों पर धकेल रहा है। इस बिंदु पर तह तक पहुंचने के लिए जीआरपी ने अपनी अलग-अलग विशेष टीमें गठित कर दी हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

🤝 क्या है जीआरपी का विशेष अभियान 'ऑपरेशन हमदर्द'?

बता दें कि मध्य प्रदेश जीआरपी द्वारा 'ऑपरेशन हमदर्द' का यह विशेष अभियान 1 जुलाई से 31 जुलाई तक बड़े पैमाने पर संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशनों और पटरियों के आसपास रहने वाले बेसहारा, निराश्रित, परित्यक्ता महिलाओं, लावारिस नाबालिग बच्चों तथा भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों की सही पहचान कर उनका एक डिजिटल डोजियर (Digital Dossier) तैयार करना है। इसके साथ ही, जरूरतमंद और असहाय लोगों के उचित पुनर्वास तथा बिछड़े हुए बच्चों को उनके परिवारजनों से सकुशल मिलाने का सराहनीय कार्य भी इस अभियान के तहत किया जा रहा है।

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