1.35 लाख उपभोक्ताओं की रुकी गैस आपूर्ति, कंपनियों और एजेंसियों के दावों में विरोधाभास
राजधानी भोपाल में गैस ई-केवाईसी नहीं कराने वाले 1.35 लाख उपभोक्ताओं को सिलेंडर की डिलीवरी मिलने में परेशानी आ रही है। कंपनियों और एजेंसियों के दावों में विरोधाभास सामने आया है।
राजधानी भोपाल में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए 'ई-केवाईसी' (e-KYC) कराना इन दिनों एक बड़ी परेशानी का सबब बनता जा रहा है। कई उपभोक्ताओं की तरफ से यह गंभीर आरोप लगाया जा रहा है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग सफलतापूर्वक होने के बावजूद उन्हें समय पर डिलीवरी नहीं मिल पा रही है।
दूसरी ओर, गैस एजेंसी संचालकों का साफ तौर पर यह कहना है कि तेल कंपनियों की तरफ से मिले मौखिक निर्देशों के आधार पर ही जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है, उनकी बुकिंग रद्द की जा रही है और गैस की आपूर्ति रोकी जा रही है।
जबकि इसके विपरीत, गैस कंपनियों का यह दावा है कि उन्होंने केवल ई-केवाईसी की प्रक्रिया को सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं, और डिलीवरी रोकने या गैस रोकने जैसा कोई भी आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है। कंपनियों और एजेंसियों के बीच इस असमंजस की स्थिति के कारण आम उपभोक्ताओं और गैस एजेंसियों के बीच लगातार विवाद की स्थिति बनती जा रही है।
👥 भोपाल में करीब 1.35 लाख गैस उपभोक्ता हुए प्रभावित
गैस डीलर्स से मिली जानकारी के अनुसार, अकेले भोपाल शहर में एचपीसीएल (HPCL), बीपीसीएल (BPCL) और आईओसीएल (IOCL) के कुल मिलाकर लगभग 9 लाख घरेलू एलपीजी गैस उपभोक्ता मौजूद हैं। इनमें से करीब 15 प्रतिशत यानी लगभग 1.35 लाख उपभोक्ता ऐसे हैं जिनकी ई-केवाईसी का कार्य अभी भी लंबित पड़ा हुआ है।
गैस एजेंसियों का कहना है कि ऐसे सभी पेंडिंग उपभोक्ताओं को फिलहाल गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं दी जा रही है, जिसकी वजह से आम लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
⚡ गैस कंपनियों और एजेंसी संचालकों के दावों में स्पष्ट विरोधाभास
गैस एजेंसी संचालकों का तर्क है कि उन्हें उच्चाधिकारियों की तरफ से मौखिक रूप से यह निर्देश दिए गए हैं कि जिन ग्राहकों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनकी गैस बुकिंग तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जाए।
वहीं इसके विपरीत, सरकारी और निजी गैस कंपनियों का आधिकारिक तौर पर कहना है कि उन्होंने केवल ई-केवाईसी के विशेष अभियान को तेज करने और सभी उपभोक्ताओं का भौतिक सत्यापन समय पर पूरा करने को कहा है। कंपनियों का साफ कहना है कि गैस डिलीवरी रोकने संबंधी उनका कोई भी लिखित या आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
🔍 ई-केवाईसी क्यों है जरूरी और उपभोक्ता इसे कैसे पूरा करा सकते हैं?
गैस कंपनियों के दिशानिर्देशों के अनुसार, ई-केवाईसी कराने का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं की वास्तविक पहचान का सत्यापन करना, फर्जी या डुप्लीकेट गैस कनेक्शनों पर रोक लगाना और आधिकारिक रिकॉर्ड को पूरी तरह अपडेट रखना है।
उपभोक्ता अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर अपने दस्तावेजों के सत्यापन के साथ अपनी ई-केवाईसी आसानी से पूरी करा सकते हैं। इसके अलावा, कई प्रमुख गैस कंपनियां अपने आधिकारिक मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए घर बैठे यह सुविधा उपलब्ध करा रही हैं।
📜 कोई लिखित आदेश नहीं होने के बावजूद बढ़ रहा है जमीनी विवाद
गैस एजेंसी संचालकों का यह भी कहना है कि उनके पास बुकिंग रद्द करने या गैस डिलीवरी रोकने को लेकर कोई भी ठोस लिखित आदेश मौजूद नहीं है। उनका आरोप है कि केवल मौखिक निर्देशों के चलते शहर के 15 से 20 प्रतिशत उपभोक्ता सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।
इस पूरी स्थिति को देखते हुए प्रशासन और एजेंसियों द्वारा सभी उपभोक्ताओं को यह सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपनी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा करवा लें, ताकि भविष्य में उनके घर आने वाली रसोई गैस की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
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