खंडवा के हांडीकुंड में बड़ा हादसा टला, ड्रोन से लाइफ जैकेट पहुंचाकर एसडीईआरएफ की टीम ने बचाई जान
खंडवा के हांडीकुंड में नदी के बीच टापू पर फंसे 4 युवकों को एसडीईआरएफ की टीम ने साढ़े 10 घंटे चले खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
खंडवा। मध्यप्रदेश राज्य आपदा आपातकालीन मोचन बल (SDERF) की टीम ने एक बार फिर अपनी अद्भुत वीरता और साहस का परिचय देते हुए चार लोगों की जिंदगियों को सुरक्षित बचा लिया है। यह पूरा मामला खंडवा जिले के थाना जावर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हांडीकुंड का है, जहाँ सुक्ता और आबना नदी के बीच स्थित हन्दीकुंडी के एक टापू पर अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण चार युवक फंस गए थे। लगभग साढ़े 10 घंटे तक चले इस बेहद खतरनाक और चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार शुक्रवार तड़के 4:45 बजे सभी युवकों को पूरी तरह सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
🌊 तेज जलधारा होने के कारण मोटरबोट का आगे बढ़ना हुआ असंभव
डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड आशीष कुशवाहा ने घटना की पूरी जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार की शाम को लगभग छह बजे पुलिस कंट्रोल रूम और थाना जावर को यह सूचना प्राप्त हुई थी कि अचानक नदी का जलस्तर बढ़ जाने के कारण चार युवक नदी के बीच बने एक टापू पर फंस गए हैं।
चारों तरफ से पानी की अत्यंत तेज जलधारा बहने के कारण उन युवकों का अपने दम पर बाहर निकलना पूरी तरह असंभव हो गया था। जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, एसडीईआरएफ खंडवा की टीम और कंपनी कमांडर रविंद्र महिवाल तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। शुरुआती दौर में सुरक्षा रस्सियों के सहारे मोटरबोट को टापू तक ले जाने का प्रयास किया गया, परंतु नदी के अत्यधिक जलप्रवाह और तीव्र बहाव के कारण नाव को आगे बढ़ाना बहुत ज्यादा जोखिम भरा साबित हुआ।
🚁 ड्रोन की मदद से टापू पर पहुँचाई गईं लाइफ जैकेट और खाने-पीने की सामग्री
इस आपात स्थिति में प्रशासन और एसडीईआरएफ की टीम ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन की सहायता से फंसे हुए चारों युवकों तक लाइफ जैकेट पहुँचाई, जिन्हें युवकों ने तुरंत पहन लिया।
प्रशासन ने मोबाइल फोन के माध्यम से भी लगातार उन युवकों से संपर्क बनाए रखा। इसके बाद ड्रोन के जरिए ही उनके लिए खाने के पैकेट और पीने के पानी की बोतलें भी उपलब्ध कराई गईं। पूरी रात उन युवकों से लगातार बातचीत जारी रखी गई ताकि उनका मानसिक मनोबल बना रहे और उन्हें सुरक्षित रहने के लिए लगातार आश्वस्त किया जाता रहा।
👥 घटनास्थल पर डटे रहे तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारी
इस भीषण रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घटनास्थल पर प्रभारी कलेक्टर डॉ. नागार्जुन गौड़ा, पुलिस अधीक्षक अगम जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तरणेकर, एसडीईआरएफ इंदौर टीम के प्रभारी कंपनी कमांडर रोहन रायकवार, एसडीईआरएफ खंडवा के कंपनी कमांडर रविंद्र महिवाल सहित पुलिस, होमगार्ड और एसडीईआरएफ के तमाम वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण पूरी रात मौके पर डटे रहे।
इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा सुकता बांध से अतिरिक्त पानी न छोड़े जाने को लेकर भी लगातार आवश्यक समन्वय किया गया। किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए बैकअप के तौर पर एनडीआरएफ (NDRF) उज्जैन की टीम को भी तुरंत रवाना कर दिया गया था।
🌅 सुबह 4:45 बजे ऐसे सफल हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
जैसे ही सुबह के वक्त नदी के जलस्तर में हल्की सी कमी आनी शुरू हुई, एसडीईआरएफ खंडवा और एसडीईआरएफ इंदौर की संयुक्त टीम ने अपना अंतिम और निर्णायक अभियान शुरू कर दिया।
सुरक्षा रस्सियों से पूरी तरह नियंत्रित मोटरबोट को उफनती हुई प्रचंड जलधारा के बीच आगे बढ़ाते हुए रेस्क्यू दल आखिरकार टापू तक पहुँच गया। इसके बाद अपनी अदम्य साहस और उच्च तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए टीम ने चारों युवकों को सुबह 4:45 बजे सकुशल और सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस सफल रेस्क्यू अभियान के पूरा होने पर वहाँ मौजूद सभी ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने एसडीईआरएफ के जवानों के बेजोड़ साहस, अटूट धैर्य और सेवा-भाव की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और इसे लगभग असंभव प्रतीत होने वाले मिशन को सफल बनाने वाली एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
📋 सुरक्षित बचाए गए युवकों का विवरण
इस कठिन ऑपरेशन के तहत जिन चारों युवकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, उनके नाम निम्नलिखित हैं:
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हुजेफा हामिद (आयु 40 वर्ष)
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मयंक उर्फ गोपाल (आयु 16 वर्ष)
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अली अजगर, पुत्र मुस्तफा
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आयुष, पुत्र सुनील (आयु 18 वर्ष) (नोट: ये सभी सुरक्षित बचाए गए युवक जिला खंडवा के ही निवासी हैं।)
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