बुरहानपुर: आदिवासी क्षेत्र इसराम फालिया के स्कूल में शिक्षा की बदहाली
एक शिक्षक और तीन-तीन कक्षाएं एक साथ!
बुरहानपुर:- जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र इसराम फालिया की शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय की हालत देख आपका भी दिल दहल जाएगा। यहां एक ही कमरे में कक्षा 1 से लेकर 8 तक के बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों को नीचे टाट पट्टी पर बैठाया जाता है, और पढ़ाने वाला शिक्षक भी सिर्फ एक है। कई बार तो छात्र ही दूसरे छात्रों को पढ़ाते हुए नजर आते हैं। शिक्षा की यह बदहाली साफ बताती है कि सरकार की योजनाएं कागजों में सिमट कर रह गई हैं।
इस स्कूल में तीन-तीन कक्षाएं एक साथ चल रही हैं। अध्यापन कार्य बच्चों के भरोसे है, जिससे यह सवाल उठता है कैसे पढ़ेंगे, कैसे बढ़ेंगे, और कैसे गढ़ेंगे देश का भविष्य?
स्थानीय शिक्षक धर्मा मुजाल्दे ने भी माना कि स्कूल में शिक्षक की कमी है और एक साथ कई कक्षाएं संचालित करना बच्चों के भविष्य के साथ समझौता है।
जब इस संबंध में जिलाशिक्षाधिकारी संतोष सिंह सोलंकी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मामले की जांच के निर्देश विकासखंड शिक्षा अधिकारी और बीआरसी को दिए जाएंगे। वहीं, जिला परियोजना समन्वयक रविंद्र महाजन ने कहा कि यदि कोई शिक्षक अटैच है तो उसका अटैचमेंट निरस्त किया जाएगा, मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेश हैं कि किसी भी स्कूल में अटैचमेंट नहीं रहेगा। बावजूद इसके आदेशों की अनदेखी की जा रही है।
यह स्थिति साफ दर्शाती है कि शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार की आवश्यकता है। आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए सरकार को नियमित शिक्षकों की नियुक्ति और आधारभूत सुविधाओं का विकास करना होगा।
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