अशोकनगर में बारिश न होने से सूखने की कगार पर अमाहि तालाब, सिर्फ 20 दिन का पानी बचा
अशोकनगर में बारिश न होने के कारण शहर की प्यास बुझाने वाला अमाही तालाब सूख रहा है। पानी की कमी से निपटने के लिए नगरपालिका ने रामायण पाठ और अनुष्ठान शुरू किया है।
अशोकनगर: इस बार अलनीनो (El Nino) का प्रभाव लोगों को तड़पा भी रहा है और गंभीर रूप से परेशान भी कर रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कहीं जरूरत से ज्यादा बारिश हो रही है, तो कहीं सूखा पड़ा हुआ है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में हालात यह हैं कि लोग बारिश की एक-एक बूंद को तरस रहे हैं और कई इलाकों में तालाब तथा कुएं पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुँच चुके हैं। अशोकनगर जिले में भी इस बार पर्याप्त बारिश न होने के कारण पूरे शहर की प्यास बुझाने वाला मुख्य 'अमाही तालाब' सूखने की स्थिति में आ गया है। इस विकराल जल संकट से निपटने के लिए अब नगर पालिका परिषद पूरी तरह भगवान की शरण में पहुँच गई है।
💧 अमाही तालाब में बचा मात्र 7 फीट पानी, सिर्फ 20 दिनों की आपूर्ति शेष
जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अमाही तालाब, जिस पर पूरे शहर को पीने का पानी उपलब्ध कराने की बड़ी जिम्मेदारी है, वह अब लगातार सूखता जा रहा है।
मानसून के सीजन में भी अच्छी बारिश न होने के कारण इस तालाब में वर्तमान में केवल 7 फीट पानी ही शेष बचा है। जबकि पिछले वर्षों में इसी समयावधि के दौरान तालाब में 10 से 12 फीट तक पानी भर जाता था। वर्तमान स्थिति यह है कि तालाब में 7 फीट पानी के साथ-साथ लगभग 3 फीट सिल्ट (गाद/मिट्टी) भी जमा हो चुकी है। ऐसे में समय पर बारिश का न होना शहरवासियों के लिए एक बड़ी और विकट मुसीबत बनता जा रहा है।
⚠️ नगर पालिका और शहरवासियों के सामने मंडराया गहरा जल संकट
आपको बता दें कि अमाही तालाब अशोकनगर के स्थानीय नागरिकों के लिए पेयजल का सबसे प्रमुख और एकमात्र बड़ा स्रोत है, जिसके माध्यम से पूरे शहर को पानी मुहैया कराया जाता है।
लेकिन जुलाई माह के दौरान भी पर्याप्त बारिश न होने के कारण तालाब का जलस्तर तेजी से गिर गया है। वर्तमान बचे हुए पानी से केवल आगामी 20 दिनों तक ही शहर में जलापूर्ति की जा सकती है। ऐसे में इस आसन्न जल संकट को लेकर शहर के लोग और नगर पालिका प्रशासन बेहद गंभीर एवं चिंतित नजर आ रहे हैं।
इस बीच, नगर पालिका ने शहर के सभी नागरिकों से पानी का अपव्यय न करने और उसे व्यर्थ न बहाने की अपील की है। नपा अध्यक्ष नीरज मनोरिया ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि, "इस समय पानी की एक-एक बूंद बेहद अमूल्य है। सभी लोग अपने घरों में पानी को व्यर्थ न बहाएं और नलों में सही टोंटियां लगाएं, ताकि हम इस अमूल्य जल को अधिक से अधिक संरक्षित कर सकें।"
🙏 बारिश की मनोकामना के लिए फिल्टर प्लांट पर शुरू हुआ रामायण पाठ
हाल ही में नपाध्यक्ष नीरज मनोरिया ने अमाही तालाब और वहाँ बने फिल्टर प्लांट का औचक निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने स्वीकार किया कि यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई, तो शहर में भीषण जल संकट की समस्या पैदा हो सकती है।
उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक और विकट संकट की घड़ी में केवल ईश्वर की कृपा ही हमारी मनोकामना पूरी कर सकती है। इसी आस्था के साथ उन्होंने अमाही तालाब के पास बने फिल्टर प्लांट परिसर में मंगलवार से पवित्र श्री रामायण जी का अखंड पाठ शुरू करवा दिया है, जिसके अगले दिन बुधवार को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना के लिए विधि-विधान से विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है, ताकि समय पर झमाझम बारिश हो सके और शहरवासियों की प्यास बुझने के साथ-साथ किसानों के चेहरों पर भी खुशहाली लौट आए, क्योंकि अच्छी बारिश से ही फसलें भी सुरक्षित रह सकती हैं।
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