पुष्पा-2 देखकर चोर नहीं, दबंग देखकर वर्दीवाले बनो,
नारी सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा पर चर्चा

बड़वानी:- समीपस्थ ग्राम सजवानी में माँ आशापुरी मंदिर स्थापना महोत्सव के चौथे दिन नारी सशक्तिकरण और बालिका शिक्षा पर संवाद आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 4 बजे शुरू हुआ, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने महिलाओं और बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, और आत्मनिर्भरता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत में श्रीमती सुनीता काग ने महिलाओं को आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण गुर सिखाए। वहीं, श्रीमती अनीता चोयल ने घरेलू हिंसा अधिनियम की विस्तृत जानकारी देते हुए महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया।
मुख्य वक्ता सुश्री सैफाली तिवारी, केंद्रीय जेल अधीक्षक बड़वानी, ने बालिका शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं और बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने अपने मजाकिया लहजे में कहा, बच्चे पुष्पा-2 देखकर चोर न बनें, बल्कि दबंग देखकर वर्दीवाले बनें। उन्होंने युवाओं से पढ़-लिखकर अपने माता-पिता के सपने साकार करने का आह्वान किया।
सुश्री तिवारी ने समाज में व्याप्त शराब व्यसन को एक बड़ी कुरीति बताया और इसे घरेलू हिंसा का मुख्य कारण बताया। उन्होंने नारी सशक्तिकरण को सामाजिक सुधार की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया।
इस अवसर पर माँ आशापुरी मंदिर समिति के सदस्यों ने अतिथियों को आदिवासी समुदाय का प्रतीक चिह्न तीर-कमान और निमाड़ के क्रांतिकारी शहीद भीमा नायक का छायाचित्र भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन जितेंद्र लछेटा ने किया और अंत में सियाराम रावत ने सभी का आभार प्रकट किया।
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