कलयुगी बेटे को आजीवन कारावास; मां को अशक्त देख गला रेतकर की थी हत्या
जबलपुर कोर्ट ने मां की गला रेतकर हत्या करने वाले बेटे को आजीवन कारावास सुनाया। वहीं, हाईकोर्ट ने भोपाल पुलिस के 'फाइबर मसाज' वाले हलफनामे पर कमिश्नर को तलब किया।
जबलपुर। ग्राम जरौंद निवासी एक 45 वर्षीय कलयुगी बेटे राजेंद्र विश्वकर्मा को न्यायालय ने अपनी वृद्ध और अशक्त मां की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी की मां मूंगा बाई लंबे समय से अशक्त थीं और बिस्तर पर ही रहती थीं। देखभाल को लेकर अक्सर होने वाले विवाद के चलते आरोपी ने धारदार हथियार से अपनी मां का गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं, आरोपी ने अपनी पत्नी पर भी जानलेवा हमला किया और स्वयं भी आत्महत्या का प्रयास किया। अपर सत्र न्यायाधीश स्वयं कुमार दुबे ने साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी पाते हुए कठोर सजा सुनाई है।
👮 'फाइबर मसाज' शब्द पर हाईकोर्ट सख्त, पुलिस कमिश्नर को किया तलब
जबलपुर। जबलपुर हाईकोर्ट में एक अन्य मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठे हैं। जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की युगलपीठ ने पुलिस द्वारा पेश किए गए हलफनामे में 'फाइबर मसाज' जैसे अस्पष्ट शब्द के इस्तेमाल और वॉरंट की तामील में बरती गई लापरवाही को बेहद गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने भोपाल पुलिस आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने को कहा है कि 'फाइबर मसाज' का वास्तविक अर्थ क्या है और इस तरह के लापरवाही भरे हलफनामे के लिए जिम्मेदार कौन है। यह मामला हत्या के एक गंभीर आरोप और कानूनी प्रक्रियाओं में कोताही से संबंधित है।
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