काम में देरी और वेतन भुगतान में गड़बड़ी; सागर में जल प्रदाय कंपनी का अनुबंध होगा रद्द?
सागर में बिगड़ी पेयजल व्यवस्था: नगर निगम ने जल प्रदाय कंपनी को नोटिस जारी कर अनुबंध समाप्ति की चेतावनी दी। कर्मचारियों का वेतन और रखरखाव में लापरवाही बनी मुख्य वजह।
सागर। शहर की लचर पेयजल व्यवस्था और जल प्रदाय कंपनी की मनमानी से नाराज नगर निगम महापौर परिषद (MIC) ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। महापौर संगीता सुशील तिवारी ने स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित प्रोजेक्ट लिमिटेड द्वारा जल प्रदाय व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो कंपनी का अनुबंध (Agreement) निरस्त कर दिया जाएगा।
📋 नोटिस की मुख्य वजह: 9 गंभीर बिंदु
नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री ने बताया कि कंपनी को 9 गंभीर बिंदुओं पर नोटिस जारी किया गया है। इनमें 24x7 जल प्रदाय व्यवस्था को लागू करने में विफलता, पाइपलाइन संधारण (Maintenance) में लापरवाही और अनुबंध की शर्तों का लगातार उल्लंघन शामिल है। हाल ही में वेतन भुगतान न होने के कारण वालमैनों की हड़ताल से शहर की पानी सप्लाई ठप हो गई थी, जिसे महापौर परिषद ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।
🚫 पेनल्टी का प्रस्ताव खारिज, राहत की उम्मीद
महापौर परिषद की बैठक में कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं पर पेनल्टी लगाने के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया गया है। महापौर का कहना है कि जब कंपनी ने समय पर बिल ही वितरित नहीं किए, तो पेनल्टी लगाने का कोई औचित्य नहीं है। बैठक में निगम ने बिजली खर्च कम करने के लिए सरकारी भवनों में सोलर एनर्जी सिस्टम लगाने और मानसून पूर्व सड़कों के मरम्मत कार्यों को भी हरी झंडी दी है।
🏛️ परिषद की बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव
एमआईसी के सभी सदस्यों ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर गहरा रोष जताया है। अब कंपनी को बाहर करने का प्रस्ताव नगर निगम परिषद की बैठक में लाया जाएगा। महापौर संगीता सुशील तिवारी ने जोर देकर कहा कि जनता को सुचारू रूप से पानी पहुंचाना निगम की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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