श्योपुर मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी और स्टाफ की भारी कमी; कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर छात्र

श्योपुर के 258 करोड़ के मेडिकल कॉलेज में छात्र बिजली-पानी और स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं। कीचड़ भरे रास्ते और बुनियादी ढांचे के अभाव से पढ़ाई हो रही प्रभावित।

Jul 08, 2026 - 16:23
0
श्योपुर मेडिकल कॉलेज में फैकल्टी और स्टाफ की भारी कमी; कीचड़ भरे रास्ते से गुजरने को मजबूर छात्र

श्योपुर। नागदा स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज, जो अपनी भव्यता के लिए जाना जाता है, फिलहाल छात्र समस्याओं का केंद्र बन गया है। करीब 258 करोड़ रुपये की लागत से बने इस संस्थान में मेडिकल स्टूडेंट्स मूलभूत सुविधाओं—बिजली और पानी—के लिए संघर्ष कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि बिजली न होने के कारण अक्सर उन्हें अंधेरे में ही अपनी पढ़ाई पूरी करनी पड़ती है।

🚧 सुविधाओं का संकट: स्टाफ की कमी और खराब रास्ते

कॉलेज में न केवल बिजली-पानी का संकट है, बल्कि स्टाफ की कमी ने छात्रों का भविष्य भी अधर में डाल दिया है। लैब टेक्नीशियन, टीचिंग स्टाफ, थैरेपिस्ट और अन्य महत्वपूर्ण पदों के खाली होने के कारण छात्रों के प्रैक्टिकल और शिक्षा की गुणवत्ता सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। एमबीबीएस छात्र चिराग जैन के अनुसार, बिजली घंटों गायब रहती है और पीने का शुद्ध पानी न मिलने से कई छात्र बीमार भी पड़ चुके हैं। इसके अलावा, कॉलेज तक पहुंचने वाला जर्जर रास्ता बरसात के मौसम में और अधिक खतरनाक व कीचड़युक्त हो जाता है।

⚖️ प्रशासन का पक्ष: जल्द समाधान का आश्वासन

इस मामले पर कॉलेज के डीन डॉ. विपिन भाधिकारिया ने कहा कि वर्तमान में पहला बैच संचालित है और 18 विभागों के लिए फैकल्टी उपलब्ध तो है, लेकिन उनकी संख्या पर्याप्त नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टाफ की कमी और अन्य बुनियादी समस्याओं के बारे में शासन को लगातार अवगत कराया जा रहा है। रिक्त पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं और जल्द ही समस्याओं का समाधान कर छात्रों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User