सरकारी दावों की खुली पोल; क्लासरूम में बह रहा झरने जैसा पानी, मासूम बच्चों की छुट्टी
छतरपुर के शासकीय प्राथमिक शाला गंज में घुसा बारिश का पानी। स्कूल के अंदर झरने जैसा नजारा, बच्चों की जान खतरे में। कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश।
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। गंज गांव स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में शुरुआती बारिश ने ही स्कूलों की बदतर स्थिति उजागर कर दी है। स्कूल के भीतर पानी का बहाव इतना तेज था कि कक्षाएं किसी झरने की तरह नजर आने लगीं। घुटनों और कमर तक पानी भर जाने के कारण नन्हे छात्रों और शिक्षकों को तुरंत स्कूल बंद कर बच्चों को वापस घर भेजना पड़ा।
🌊 बस्ता बचाकर बाहर निकले मासूम
स्कूल की जर्जर बिल्डिंग का लाभ उठाकर पानी सीधे क्लासरूम में घुस गया। पानी के तेज बहाव को देखकर मासूम बच्चे सहम गए और डर के मारे अपने बस्ते उठाकर बाहर निकलने की जद्दोजहद करते रहे। स्थिति इतनी विकट थी कि बच्चों के जूते-चप्पल पानी के बहाव में बहते हुए देखे गए। स्थानीय निवासी मुन्ना अहिरवार ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि यही हालात रहे, तो बच्चों की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
🚧 ऊंची सड़क बनी मुसीबत
स्कूल प्रभारी जन शिक्षक अखिलेश शुक्ला ने बताया कि इस समस्या की जड़ स्कूल के बाहर बनी नई CC रोड है। सड़क ऊंची बनने के कारण स्कूल परिसर नीचे हो गया और पानी निकासी के लिए कोई नाली नहीं बनाई गई। परिणाम यह हुआ कि बारिश का सारा पानी सीधे स्कूल के कमरों में जमा हो गया। यहां कक्षा 1 से 5 तक के कुल 144 बच्चे पढ़ते हैं, जिनकी पढ़ाई अब बाधित हो गई है।
👮 कलेक्टर का सख्त रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने कहा, "यह मामला संज्ञान में आया है और इस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। यदि स्कूल भवन जर्जर स्थिति में है, तो बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें तत्काल किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। शासकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या बच्चों की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
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