एथनॉल के नाम पर पोषणयुक्त चावल का घोटाला? 50 से अधिक संदिग्धों से जारी पूछताछ
बालाघाट-सिवनी में फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी का बड़ा मामला। एथनॉल प्लांट के नाम पर राशन का चावल बेचने वाले रैकेट का पर्दाफाश, 17 ट्रक जब्त।
बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट और सिवनी जिले में पोषणयुक्त फोर्टिफाइड चावल की हेराफेरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। सामान्य चावल में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 मिलाकर तैयार किए गए इस विशेष चावल का वितरण आंगनवाड़ी केंद्रों और कन्या छात्रावासों में किया जाना था, लेकिन इसे एथनॉल प्लांट भेजने के नाम पर बाजार में खपाया जा रहा था। इस मामले में एसआईटी (SIT) सक्रिय रूप से जांच कर रही है।
🕵️ क्या है पूरा मामला और कैसे पकड़ा गया?
घोटाले का खुलासा 3 जून को हुआ, जब वारासिवनी की संचेती राइस मिल परिसर में 242 क्विंटल चावल से भरा एक ट्रक पकड़ा गया। जांच में पता चला कि यह चावल बालाघाट के नवेगांव स्थित एफसीआई (FCI) गोदाम से छिंदवाड़ा के एक एथनॉल प्लांट के लिए निकला था, लेकिन इसे प्लांट तक भेजने के बजाय राइस मिल में खाली कराया जा रहा था। पुलिस ने अब तक 17 ट्रक जब्त किए हैं और 50 से अधिक ट्रक चालकों, मिलरों और प्लांट प्रबंधन के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
⚖️ कड़ी कार्रवाई की तैयारी: 13 पर एफआईआर और 8 मिलर्स को नोटिस
बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा के अनुसार, इस हेराफेरी में शामिल 13 संदिग्धों पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी है और 8 राइस मिलर्स को नोटिस जारी किए गए हैं। मामले के मुख्य आरोपी राइस मिल मालिक सौरभ संचेती और उनके पिता गंभीर संचेती फिलहाल फरार हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि 17 जिलों के 22 एथनॉल प्लांटों को करीब 1,100 करोड़ रुपये का चावल आवंटित किया गया था। यदि पूरे राज्य में इसी तरह की हेराफेरी हुई है, तो यह घोटाला काफी बड़ा हो सकता है।
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