रिन्यूएबल एनर्जी और बिजली निर्यात को नई गति; भारत-नेपाल के ऊर्जा सचिव काठमांडू में करेंगे मंथन

भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा सहयोग मजबूत करने के लिए काठमांडू में 14-15 जुलाई को सचिव स्तरीय बैठकें। बिजली निर्यात और ट्रांसमिशन लाइनों पर होगी चर्चा।

Jul 13, 2026 - 16:50
0
रिन्यूएबल एनर्जी और बिजली निर्यात को नई गति; भारत-नेपाल के ऊर्जा सचिव काठमांडू में करेंगे मंथन

भारत और नेपाल के बीच ऊर्जा क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से काठमांडू में महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जा रही हैं। 14 और 15 जुलाई को होने वाली इन बैठकों में 'संयुक्त कार्य समूह' (Joint Working Group) और 'संयुक्त संचालन समिति' (Joint Steering Committee) के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन वार्ताओं का मुख्य केंद्र दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार और बुनियादी ढांचे का विस्तार करना है।

👥 सचिव स्तर पर होगा ऊर्जा सहयोग का मंथन

नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्रालय के संयुक्त प्रवक्ता संदीप कुमार देव ने बताया कि इन बैठकों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारत के ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल करेंगे, जबकि नेपाली पक्ष की अगुवाई ऊर्जा सचिव सरिता दवाड़ी करेंगी। 'संयुक्त कार्य समूह' की बैठक में दोनों देशों के ऊर्जा मंत्रालयों के संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी विभिन्न तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करेंगे, जबकि 'संयुक्त संचालन समिति' की बैठक में सचिव स्तर के अधिकारी नीतिगत निर्णयों को अंतिम रूप देंगे।

🤝 बिजली निर्यात और रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर

भारत और नेपाल के बीच हालिया समय में ऊर्जा संबंधों में काफी प्रगति हुई है। जनवरी 2026 में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की नेपाल यात्रा के दौरान भारत और नेपाल के बीच 10,000 मेगावाट बिजली निर्यात करने का ऐतिहासिक दीर्घकालिक समझौता हुआ था। इसके अलावा, रिन्यूएबल एनर्जी में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए थे। काठमांडू में होने वाली ये बैठकें उसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए तीन क्रॉस-बॉर्डर ट्रांसमिशन लाइनों और अन्य ऊर्जा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगी।

🌍 रणनीतिक महत्व

दोनों देशों के बीच इन बैठकों का उद्देश्य न केवल ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करना है, बल्कि क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। ये वार्ताएं सीमा पार ट्रांसमिशन लाइनों को मजबूत करने और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में साझा निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User