रतलाम में दूषित पानी पीने से 100 से अधिक लोग बीमार; गांव में मचा हड़कंप, अस्पताल में भर्ती

मध्य प्रदेश के रतलाम (पिपलोदा) के आजमपुर डोडिया गांव में कुएं का दूषित पानी पीने से 100 से अधिक लोग बीमार हो गए हैं। प्रशासन ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं।

Jul 18, 2026 - 13:01
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रतलाम में दूषित पानी पीने से 100 से अधिक लोग बीमार; गांव में मचा हड़कंप, अस्पताल में भर्ती

रतलाम। जिले के पिपलोदा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आजमपुर डोडिया गांव में दूषित पानी पीने की वजह से एक बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया है. यहां प्रदूषित जल के सेवन से 100 से अधिक ग्रामीण अचानक बीमार पड़ गए हैं. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में बीमार ग्रामीणों को पेट दर्द, उल्टी और तेज दस्त की शिकायत के बाद पिपलोदा के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं, कुछ मरीजों की स्थिति सामान्य होने पर उन्हें प्राथमिक दवाइयां देकर घर भेज दिया गया है. फिलहाल गांव में आपातकालीन स्थिति को देखते हुए सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है.

🏥 2. पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत: पिपलोदा स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का इलाज जारी

दरअसल, यह गंभीर मामला पिपलोदा तहसील के आजमपुर डोडिया गांव का है, जहां शुक्रवार की शाम को अचानक एक के बाद एक दर्जनों ग्रामीण बीमार होने लगे. ग्रामीणों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गांव के अधिकांश लोग दैनिक उपयोग और पीने के लिए एक पुराने कुएं के पानी का इस्तेमाल करते हैं.

अचानक बिगड़ी तबीयत:

शुक्रवार की शाम को जैसे ही ग्रामीणों ने कुएं के पानी का सेवन किया, उसके कुछ ही देर बाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी और दस्त की गंभीर शिकायतें होने लगीं. स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना एम्बुलेंस और स्थानीय प्रशासन को दी, जिसके बाद सभी प्रभावितों को उपचार के लिए पिपलोदा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही है.

🧪 3. जांच के लिए भेजे गए पानी के नमूने: तहसीलदार पिंकी साठे और पीएचई टीम ने संभाला मोर्चा

गांव में सामूहिक रूप से लोगों के बीमार होने की संवेदनशील सूचना मिलने के तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के आला अधिकारी डॉक्टरों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्राथमिक जांच शुरू की.

  • प्रशासनिक मुस्तैदी: प्रभावित गांव का दौरा करने पहुंचीं क्षेत्रीय तहसीलदार पिंकी साठे ने बताया कि, "ग्रामीणों के बीमार होने की सूचना मिलते ही प्रशासन और डॉक्टरों की विशेष टीम मौके पर तैनात कर दी गई है."

  • सैंपलिंग की कार्रवाई: पीएचई (PHE) की तकनीकी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित कुएं के पानी के नमूने (Samples) एकत्र किए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला में रासायनिक जांच के लिए भेजा गया है. सभी प्रभावित ग्रामीणों का पिपलोदा स्वास्थ्य केंद्र और गांव में ही बनाए गए अस्थाई शिविरों में इलाज जारी है. स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टर स्थिति पर लगातार चौबीसों घंटे पैनी नजर बनाए हुए हैं.

🚰 4. 600 की आबादी वाले गांव में एकमात्र जल स्रोत: अब टैंकरों से की जा रही है सुरक्षित जलापूर्ति

यह प्रभावित गांव आजमपुरा डोडिया, आयाना ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है. लगभग 600 की आबादी वाले इस छोटे से गांव में पीने के पानी का एकमात्र मुख्य स्रोत यही कुआं है. इसी कुएं के पानी की पाइपलाइन या सीधे जुड़ाव के कारण लोगों के बीमार होने की यह बड़ी घटना सामने आई है.

गांव का नाम कुल आबादी मुख्य बीमारी के लक्षण वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था
आजमपुर डोडिया (पिपलोदा) लगभग 600 नागरिक पेट दर्द, उल्टी, गंभीर दस्त कुआं सील, टैंकरों से जलापूर्ति चालू

प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से फिलहाल कुएं के पानी के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी है. हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि पानी के लिए गए नमूनों की आधिकारिक प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस बीमारी के वास्तविक कारणों और पानी में मौजूद बैक्टीरिया/प्रदूषक तत्वों का सटीक पता चल सकेगा. तब तक ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है.

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