सेंधवा 7 साल की मासूम ने रखा रोजा मुल्क की तरक्की और देश में अमन चैन की मांगी दुआ
रमजान में मुस्लिम भूखे प्यासे रहकर करते हैं इबादत

रमजान में 7 साल की शीज़ा अख़्तर ने रखा रोजा मासूम ने मांगी देश में अमन-चैन की के साथ मुल्कक तरक्की की दुआ
सेंधवा अपनी नानी के यहाँ आई सात साल की मासूम बालिका शीज़ा शोएब अख़्तर ने अपना पहला रोज़ा रखा , एक छोटी सी बच्ची ने रमजान में अपना पहला रोजा रखकर सभी को प्रभावित किया है।
शीज़ा शोएब अख़्तर ने रात में सहरी की और लगभग 13 घंटे भूखा प्यासा रहकर अपने पहले रोज़े को मुकम्मल किया
शीज़ा अख़्तर की नानी शहनाज़ अख़्तर बताती है की शीज़ा को ईतनी कम उम्र में रोज़ रखवाने का मकसद यह है की बच्चे कम उम्र में ही भूख और प्यास का महत्व समझे उसके मन में भूखे व्यक्ति के प्रति संवेदना हो और वह भविष्य में किसी भूखे व्यति को देखे तो शिजा में उसकी तकलीफ़ को समझे तथा उसकी मदद करे
देश में अमन चैन और तरक्की की मांगी दुआ
इस खुशी के मौके पर परिवार ने रोजा कुशाई का आयोजन किया। शाम को पूरा परिवार एक दस्तरखान पर एकत्र हुआ और साथ में इफ्तार किया। इफ्तार के दौरान परिवार ने देश में शांति और समृद्धि की दुआ मांगी।
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