तीन महीने के आतंक के बाद वन विभाग के पिंजरे में फंसा तेंदुआ, सुरक्षित जंगल में छोड़ा
खंडवा जिले के पंधाना क्षेत्र में पिछले तीन महीने से आतंक मचा रहा तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया है। विभाग ने उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया है।
खंडवा: पंधाना क्षेत्र में काकोड़ा के जंगल क्षेत्र से लगे जामली के पास अंबाखेड़ा में रविवार सुबह वन विभाग द्वारा कंपार्टमेंट नंबर 711 (जामली बीट) में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ कैद हो गया, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ लग गई। पिंजरे में तेंदुआ बंद मिलने के बाद ग्रामीणों ने आखिरकार चैन की सांस ली। बता दें कि इस तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग पिछले चार दिनों से लगातार प्रयास कर रहा था।
🥩 मुर्गे के शिकार के चक्कर में पिंजरे में फंसा तेंदुआ
शनिवार को विभाग ने एक बड़ा पिंजरा रखकर उसमें तेंदुए को आकर्षित करने के लिए मुर्गा रखा था। यह तरकीब पूरी तरह कारगर साबित हुई और तेंदुआ शिकार की तलाश में पिंजरे के अंदर आ गया और कैद हो गया। इसके बाद विभाग ने सुरक्षित तरीके से उसे जंगल में छोड़ दिया है। जानकारी के अनुसार, पिछले तीन महीनों से अंबाखेड़ा के ग्रामीण वन विभाग को क्षेत्र में तेंदुए की हलचल और मूवमेंट की लगातार सूचना दे रहे थे।
विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए की गतिविधि की पुष्टि भी कर ली थी। शुरुआत में चार दिन पहले विभाग द्वारा ग्रामीणों के बताए गए स्थान पर एक छोटा पिंजरा रखा गया था, लेकिन उसमें तेंदुआ नहीं आया। इसके बाद शनिवार दोपहर को उसी स्थान पर बड़ा पिंजरा और मुर्गा रखा गया, जो सफल रहा।
😨 तेंदुए की हलचल से ग्रामीणों में था दहशत का माहौल
पिछले तीन महीने से क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी देखी जा रही थी, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी दहशत का माहौल बन गया था। डर के मारे रात के समय ग्रामीणों ने खेतों की ओर जाना बिल्कुल बंद कर दिया था। लोगों को यह डर सता रहा था कि कहीं यह तेंदुआ किसी बड़ी दुर्घटना का कारण न बन जाए, इसलिए वे अत्यधिक सतर्कता बरत रहे थे। रविवार सुबह जब ग्रामीणों ने तेंदुए को पिंजरे में कैद देखा, तो सभी ने राहत की सांस ली।
वन विभाग के पंधाना और बोरगांव सर्किल के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सुरक्षित तरीके से तेंदुए को कंपार्टमेंट नंबर 718 (इटारिया के पास दीवाल बीट) के घने जंगल में छोड़ दिया है। अंबाखेड़ा गांव तक तेंदुए के आने की सूचना के बाद से ही विभाग मुस्तैद था, और अब उसके सुरक्षित रेस्क्यू से ग्रामीणों ने चैन की सांस ली है।
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